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राजा भोज के महान व्यक्तित्व की झलक दिखेगी बड़े तालाब में, गुड़ी पड़वा तक म्युजिकल फाउंटेन शुरू करने की तैयारी

बड़े तालाब पर तैयार हो रहे देश के सबसे बड़े म्यूजिकल फाउंटेन की वाटर स्क्रीन पर राजा भोज का भोजपाल नगर अपने भव्य...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 04:15 AM IST
बड़े तालाब पर तैयार हो रहे देश के सबसे बड़े म्यूजिकल फाउंटेन की वाटर स्क्रीन पर राजा भोज का भोजपाल नगर अपने भव्य रूप में नजर आएगा। फाउंटेन का काम अंतिम चरण में है और गुड़ी पड़वा यानि 18 मार्च तक इसे शुरू करने की तैयारी जोरों पर है। भोज के महान व्यक्तित्व की शानदार झलक शहर के गौरवशाली इतिहास के साथ नजर आएगी।

जीवन वाटिका पार्क के पास तालाब में 200 फीट भीतर फ्लोटिंग फाउंटेन 90 मीटर ऊंचा और 10 मीटर चौड़ा यानी 900 वर्गमीटर का होगा। अभी देश में सबसे बड़ा फ्लोटिंग फाउंटेन साइंस सिटी अहमदाबाद में है,जो 800 वर्गमीटर का है। यहां 300 लोगों के बैठने की क्षमता वाले एम्फीथिएटर के साथ फाउंटेन की असेंबली अंतिम चरण में है। टेस्टिंग भी हो चुकी है। वाटर स्क्रीन पर फिल्म में एक हजार साल के अतीत की कहानी होगी। इसमें राजा भोज द्वारा बसाए प्राचीन नगर की स्थापना, रानी श्यामली द्वारा विवि की स्थापना, रानी कमलापति का देहत्याग और उनके पुत्र कुंवर नवल शाह के बलिदान का विस्तृत वर्णन होगा। फिल्म की स्क्रिप्ट बताती है कि यह िवश्वविद्यालय 1184 में तैयार हुआ था। इसमें 500 से अधिक आचार्य संस्कृत भाषा में 27 से अधिक विषय पढ़ाते थे। इस फिल्म में नवाबों और बेगमों के कालखंड में हुए निर्माण कार्यों से लेकर विलीनीकरण आंदोलन को भी शामिल किया गया है।

अंतिम चरण में है काम


शूरवीर, न्यायप्रिय, ज्ञानप्रिय और

दानवीर थे राजाभोज

क्षत्रिय पवार समाज भोपाल के अध्यक्ष कैलाश कौशिक और बैनगंगा क्षत्रिय पंवार समाज के अध्यक्ष सागर बिसेन ने बताया कि राजाभोज शूरवीर, न्यायप्रिय, ज्ञानी, दानवीर और परम विद्वान थे। वे साहित्य, कला, संस्कृति आैर विज्ञान के पोषक थे। वह हम सभी के प्रेरणास्रोत और पूजनीय हैं। वे पंवार, परमार समाज के आराध्यदेव भी हैं। हम सबको उनकी मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।

भोज तो हम सबके आराध्य हैं

श्रीराम कम्युनिकेशन्स के प्रमुख सुनील गर्ग ने कहा कि राजाभोज, अपने कार्यकाल में सभी जिम्मेदारियों का निर्वहन स्वयं करते थे। उनके आदर्श हमारे प्रेरणास्रोत हैं। हमने उनकी प्रतिमा का इस्तेमाल स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता के भाव से किया। भास्कर के बुधवार के अंक में हमारी डिजाइन से किसी की भावनाएं आहत हुईं हों तो हम क्षमाप्रार्थी हैं। राजा भोज हम सबके आराध्य हैं।