भोपाल

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निवेश व बुनियादी सुविधाओं पर जोर

शिवराज सिंह चौहान सरकार के अंतिम वार्षिक बजट में बुनियादी सुविधाओं तथा प्रदेश में निवेश पर जोर दिया है। बजट में...

Danik Bhaskar

Mar 01, 2018, 04:15 AM IST
शिवराज सिंह चौहान सरकार के अंतिम वार्षिक बजट में बुनियादी सुविधाओं तथा प्रदेश में निवेश पर जोर दिया है। बजट में किसान एवं कृषि क्षेत्र, सिंचाई परियोजनाओं, सहकारिता और अन्य ढांचागत सुविधाओं पर अधिक राशि का प्रावधान किया गया है। भले ही कृषि पर ज्यादा फोकस किया गया है, लेकिन किसानों को कर्ज माफी की उम्मीद को सरकार ने झटका दिया है। वित्त मंत्री जयंत मलैया ने बजट पेश करते समय कई बार वर्ष 2003 का संदर्भ दे रहे थे। इससे विपक्ष ने हंगामा करते हुए उन्हें बीच में टोकने की कई बार कोशिश की। कांग्रेस विधायक मुकेश नायक ने तो मलैया की तरफ देखते हुए यहां तक कह दिया कि अंतिम बार बजट पेश कर दीजिए, इसके बाद कभी मौका नहीं मिलेगा। इस पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि कांग्रेस 100 साल तक सरकार में नहीं आएगी। दरअसल, यह टीका-टिप्पणी मुंगावली-कोलारस विधानसभा उपचुनाव की मतगणना के प्रारंभिक रुझान के कारण हो रहा था। मलैया ने लोक स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, सिंचाई और शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में वर्ष 2003 की स्थिति से वर्तमान स्थिति की तुलना की। जब मलैया सिंचाई परियोजनाओं का विवरण दे रहे थे, तब कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने मप्र के हिस्से का पानी गुजरात को दे दिया है। वहीं बिजली के मुद्दे पर कई विपक्षी विधायकों ने परीक्षाओं के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली नहीं आने का आरोप लगाया। विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मलैया ने कहा कि वे 14 साल का लेखा-जोखा पेश कर रहे हैं और हर क्षेत्र में हुई प्रगति बताना उनका फर्ज है।

बाला बच्चन बोले- पिछले साल सिर्फ 422 लोगों को रोजगार मिला

वित्त मंत्री जब स्वरोजगार के बारे में सदन को बता रहे थे, तब उन्हें टोकते हुए बाला बच्चन ने कहा कि पिछले साल मात्र 422 लोगों को रोजगार दिया गया है। इसके बाद नर्मदा सिंचाई परियोजनाओं की जानकारी दी जा रही थी, तब बाला बच्चन ने एक बार फिर आरोप लगाया कि नर्मदा सूख गई है। अपने हिस्से का पानी गुजरात को दे दिया है, जो पानी मप्र के किसानों को मिलना चाहिए था, वह गुजरात में चुनाव के चलते दे दिया। अब प्रदेशवासी क्या करेंगे? वित्त मंत्री यह तो बताएं?

पहले आप मुंगावली-कोलारस का गड्ढा तो देख लें

मलैया ने अपने भाषण में जैसे ही कहा- 2003 तक गड्ढों में सड़क ढूंढना पड़ती थी। इस पर फिर कांग्रेसी विधायक विरोध करने लगे। विधायक आरिफ अकील ने कहा हकीकत भी देख लिया करो। इस पर बाला बच्चन ने वित्त मंत्री की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि मुंगावली-कोलारस में जो गड्ढा हो गया है, वह तो देख लो। शाम होते-होते बड़ा हो जाएगा। तब तक मुंगावली-कोलारस के पांचवें चरण के बाद कांग्रेस के पक्ष में रुझान बनने लगा था। इस दौरान पक्ष-विपक्ष के विधायक चुनाव परिणाम जानने के लिए सदन से बार-बार बाहर आते-जाते रहे। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह भी मीडिया से बात करने बाहर आ गए।

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