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वोटों के लिए डिफॉल्टर किसानों को भी राहत

बजट में सबसे ज्यादा फोकस किसानों पर किया गया है। अल्पकालिक कर्ज चुकाने हेतु डिफाॅल्टर किसानों के लिए समझौता...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 04:20 AM IST

वोटों के लिए डिफॉल्टर किसानों को भी राहत
बजट में सबसे ज्यादा फोकस किसानों पर किया गया है। अल्पकालिक कर्ज चुकाने हेतु डिफाॅल्टर किसानों के लिए समझौता योजना के तहत 350 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. किसानों को कर्ज चुकाने की अंतिम तारीख 28 मार्च से बढ़ाकर 27 अप्रैल की गई है।



शासकीय कॉलेजों के 27 निर्माण कार्यों एवं राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत 50 कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए प्रशासकीय मंजूरी दी गई है। हालांकि कॉलेजों में प्रोफेसरों की कमी बनी हुई है। अतिथि विद्वान कम तन्ख्वाह में बेमन से काम कर रहे हैं।



शासकीय सेवकों को सातवें वेतनमान का लाभ देने के बाद अब बजट में नगरीय निकायों, निगम एवं मंडल के कर्मचारी, अनुदान प्राप्त करने वाली स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों को भी सातवें वेतनमान का लाभ देने की घोषणा की गई है। इससे कर्मचारियों को पक्ष में करने का प्रयास किया गया है।

स्वरोजगार : 15 फीसदी वृद्धि पिछले साल 673 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था इस बार 774 करोड़ रुपए।

कर्ज नहीं चुकाने वाले किसानों के लिए 350 करोड़ का इंतजाम

युवाओं को रिझाने कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्रवृत्ति बढ़ाई

सातवें वेतनमान से कर्मचारियों और पेंशनर्स को साधने की लगाई जुगत

वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं में प्रेशराइज्ड पाइप द्वार माइक्रो सिंचाई के लिए जल वितरण का प्रावधान किया गया है। इससे 2.05 लाख हेक्टेयर नई सिंचाई क्षेत्र विकसित होगा।

नर्मदा नदी के कछार में 8 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है।

बांस मिशन के लिए 200 करोड़ रुपए।

एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक 16 सालों में 21 हजार किसानों ने दी जान।

उच्च शिक्षा के लिए 2244 करोड़ ऱपए का प्रावधान किया गया है। यह 2017-18 के पुरनीक्षित अनुमान से 18 प्रतिशत ज्यादा है।

छात्रवृत्ति के 2301 करोड़ रुपए में से जनजाति वर्ग के लिए 436, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के लिए 436 करोड़ और पिछड़ावर्ग कल्याण विभग के लिए 833 करोड़ रुपए रहेंगे।

11.24 लाख युवाओं ने 2016 में पंजीयन कराया था सिर्फ 422 को ही रोजगार मिला

एक जनवरी 2016 के पहले रिटायर हो चुके कर्मचारियों को पेंशन में वृद्धि पर भी विचार किया गया है। इन्हें देय पेंशन में 10 फीसदी की बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है।

- अतिथि विद्वानों, अतिथि शिक्षकों के मानदेय बढ़ाने पर विचार चल रहा है।

कई उपक्रमों में अब भी छठवां वेतनमान, भत्तों पर भी असमंजस।

गांव-शहर विकास : 26 % वद्धि गांवों के लिए 18 हजार करोड़ और शहरों के लिए 12 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान।



मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजना में 240 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने पर पुलिस थाने, पुलिस लाइन, बैरकों में 40 करोड़ रुपए से व्यवस्थाएं बढ़ाई जाएंगी। इसमें महिला कमिर्यों की सुविधाओं का विशेष ख्याल रखा जाएगा।



कुपोषण दूर करने और महिला सशक्तिकरण के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 3722 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। जो कि पिछले साल की तुलना में 30 प्रतिशत ज्यादा है। पिछले साल पोषण आहार वितरण व्यवस्था को लेकर सरकारी सिस्टम पर सवाल उठाए गए थे।



पीएचसी को वेलनेस सेंटर बढ़ाने के साथ ही गांवों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया गया है। विशेष पिछड़ी जनजातियों, सहरिया, बैगा और भारिया को प्रति परिवार एक हजार रुपए देने के लिए 300 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह ढाई लाख परिवार को खुश करने की कोशिश है।

कैमरों और तकनीक के भरोसे अपराधों पर लगाम की कोशिश

महिलाओं और बच्चों के लिए 3722 करोड़, पिछले साल से 30% ज्यादा

सेहत की सुविधाएं भी ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ाने पर जोर

50 शहरों में सीसीटीवी के लिए 147 करोड़ रु.

सभी थानों के आपसी नेटवर्क वाले सीसीटीएन सिस्टम के लिए 17 करोड़ रु.

जेलों में जैमर एक करोड़ रुपए

जिला एवं कोर्ट के बीच वीडियो कांफ्रेंसिंग 50 लाख

एनसीआरबी की रिपोर्ट में मध्यप्रदेश महिला अपराधों में देश में अव्वल।

सरकार ने पूरक पोषण आहार वितरण महिला स्वसहायता समूहों के फेडरेशन के जरिए करने का फैसला किया।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं उप आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार द्वारा तय मानदेय की राशि राज्य द्वारा दी जा रही मानदेय की राशि भी बढ़ा दी गई है।

100 में से 5 बच्चे अपना पांचवां जन्मदिन नहीं मना पाते।

5689 करोड़ का प्रावधान। यह पिछले वर्ष से 21 फीसदी ज्यादा है।

रतलाम, विदिशा, शिवपुरी, शहडोल, दतिया, छिंदवाड़ा में मेडिकल कॉलेज शुरू करने की तैयारी है।

450 एमबीबीएस व 84 पीजी सीटें बढ़ेंगी।

ग्रामीण क्षेत्र में डॉक्टर जाने को तैयार नहीं इसलिए नहीं सुधरती व्यवस्था

सड़कें : 10 % की बढ़ोतरी

प्रदेशभर में नई सड़कें और 150 बड़े पुलों के लिए 8780 करोड़ रुपए।



पिछले बजट में की गई वित्तमंत्री की कई प्रमुख घोषणाएं अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं।



न किताबें आईं और न ही शिक्षकों की भर्ती

पहली से 11 तक की पढ़ाई एनसीईआरटी की किताबों से कराने की घोषणा की थी। 36 हजार शिक्षकों की भर्ती करने की घोषणा की गई थी। दोनों नहीं हुए।



बीना वृहद सिंचाई प्रोजेक्ट शुरू नहीं

बीना वृहद परियोजना को जल्द शुरू किया जाएगा। लेकिन अभी तक यह परियोजना शुरू नहीं हुई। उपज के भंडारण की व्यवस्था पर सालभर बाद भी ध्यान नहीं।



भोपाल के आईटी पार्क में डेवलपमेंट नहीं

आईटी पार्क के लिए 58 करोड़ रुपए दिए। लेकिन अब तक भोपाल का आईटी पार्क चालू तक नहीं हो पाया। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट नहीं होने से उद्योग यूनिट नहीं लगा रहे हैं।



नहीं बन सके जिलों में नशामुक्ति केंद्र

हर जिले में नशा मुक्ति केंद्र बनाए जाएंगे। अभी तक केवल संभागीय मुख्यालयों में ही नशामुक्ति केंद्र खोले गए हैं। जिला स्तर पर ऐसी शुरुआत नहीं हो सकीं।



आधे मकान भी नहीं बनाए जा सके

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मप्र में 6.33 लाख मकान बनाए जाने का लक्ष्य तय किया गया था। लेकिन अब तक इसके आधे घर भी नहीं बनाए जा सके।

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Web Title: वोटों के लिए डिफॉल्टर किसानों को भी राहत
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