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भारत ने सोने की चिड़िया कहलाने का तमगा भ्रष्टाचार के चलते खो दिया

मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में शनिवार को मीडिया महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आरएसएस के वरिष्ठ...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 04:20 AM IST
मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में शनिवार को मीडिया महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार मुख्य वक्ता उपस्थित थे। उन्होंने भारत की सुरक्षा मीडिया विज्ञान एवं तकनीकी की भूमिका विषय पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि मीडिया का एक बड़ा समूह देश हित और राष्ट्रीय एकता की कीमत समझता है और उसकी बात भी करता है। लेकिन एक वर्ग ऐसा भी है जो सैनिकों के खिलाफ दिखता है और नक्सलियों पर चुप्पी साध लेता है। मीडिया के उस वर्ग को देश के लिए चिंता करने की जरूरत है। 2010 के बाद से मीडिया में भी कुछ सकारात्मक बदलाव भी आए है और लोग अब खुलकर देशहित की बातें करने लगे है। मीडिया महोत्सव इतिहास बनाने का एक महत्वपूर्ण जरिया है। हमारा देश भारत ने सोने की चिड़िया कहलाने का तमगा तो भ्रष्टाचार और लूट खसोट के चलते खो दिया, लेकिन संस्कृति और सभ्यता के लिए दुनिया आज भी भारत का ही मुंह ताकती है। आयोजन राष्ट्रीय सुरक्षा मंच, वैज्ञानिक एवं औद्योगिकी अनुसंधान परिषद सहित अन्य संस्थाओं के सहयोग से हुआ।

सकारात्मक रिपोर्टिंग से खुली पाकिस्तान की पोल पहले सत्र में प्रेम शुक्ला ने कहा कि मीडिया वर्तमान समय में पूर्व की अपेक्षा अधिक सचेत हुई है। लेकिन अभी भी उसकी सोच इतनी व्यापक नहीं है कि उसका प्रचार किया जाए। पठानकोट हमले पर भारतीय मीडिया द्वारा की गई सकारात्मक रिपोर्टिंग का ही नतीजा है कि नापाक पाकिस्तान की पोल आज पूरी दुनिया के सामने खुल गई है। वरिष्ठ पत्रकार उदय माहुरकर ने कहा कि वीर सावरकर का क्रांतिकारी और हिंदु राष्ट्रवादी होने के अलावा भविष्यवेत्ता के रूप में उनका एक और स्वरूप भी था।