Hindi News »Madhya Pradesh »Bhopal »News» दस दिन में जारी होंगे शाॅर्ट टर्म टेंडर एक बेंच के आदेश में संशोधन के लिए दूसरी बेंच में पहुंची सरकार

दस दिन में जारी होंगे शाॅर्ट टर्म टेंडर एक बेंच के आदेश में संशोधन के लिए दूसरी बेंच में पहुंची सरकार

भास्कर न्यूज | इंदौर/ भोपाल प्रदेश में पोषण आहार सप्लाई को लेकर दायर एक एनजीओ की याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 14, 2018, 06:15 AM IST

दस दिन में जारी होंगे शाॅर्ट टर्म टेंडर 
एक बेंच के आदेश में संशोधन के लिए दूसरी बेंच में पहुंची सरकार
भास्कर न्यूज | इंदौर/ भोपाल

प्रदेश में पोषण आहार सप्लाई को लेकर दायर एक एनजीओ की याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान इंदौर खंडपीठ के प्रशासनिक जज पीके जायसवाल और जस्टिस वीरेंद्र सिंह की बेंच ने महिला एवं बाल विकास विभाग के 8 मार्च के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें उसने तय किया था कि वह एमपी एग्रो से पोषण आहार की सप्लाई नहीं लेगा। डिवीजन बेंच के मंगलवार के अंतरिम आदेश के तहत सरकार अब एमपी एग्रो से दोबारा सप्लाई शुरू कर सकती है, लेकिन सिर्फ छह हफ्तों तक। इस अवधि में सरकार को नए सिरे से टेंडर भी बुलाने होंगे। उधर, मंगलवार को पोषण आहार मामले में सरकार के रवैये को लेकर जमकर हंगामा हुआ। इसी बीच कैबिनेट ने रेडी टू ईट व्यवस्था को जल्द ही महिला समूहों को सौंपे जाने के लिए गठित कमेटी की सिफारिशों को मंजूरी दे दी। जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि इस व्यवस्था के लागू होने तक पोषण आहार सप्लाई के लिए 10 दिन के भीतर शॉर्ट टर्म टेंडर जारी किए जाएंगे। शेष | पेज 4 पर

आइए, बचाएं जरूरतमंद बच्चों का भोजन

हाईकोर्ट ने सरकार को कंपनियों से पोषाहार लेने के लिए 6 हफ्ते की और मोहलत दी है... 9 मार्च को हाईकोर्ट की एक अन्य बेंच ने कहा था कि एक भी दिन कंपनियों से सप्लाई नहीं करानी चाहिए। अफसरों को अवमानना नोटिस भी देने के आदेश किए थे। इस बीच सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने की सिफारिशों को मंजूरी दे दी।

2 बेंच, 4 निर्देश...और सरकार के दांव-पेंच



13 सितंबर 2017: जस्टिस एससी शर्मा-जस्टिस आलोक वर्मा

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों, फूड सिक्योरिटी एक्ट और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार नई पॉलिसी लाएं और नए टेंडर जारी करें।

सरकार ने क्या किया : सरकार ने अक्टूबर में पुनर्विचार याचिका लगाकर 30 दिन की मोहलत मांगी। कोर्ट ने कहा कि 13 सितंबर के आदेश का ही पालन कीजिए। मोहलत नहीं दी। सरकार ने कैबिनेट में नए सिस्टम पर निर्णय लिए।

27 फरवरी 2018 : जस्टिस पीके जायसवाल-जस्टिस वीरेंद्रसिंह

सरकार नए सिस्टम पर जो फैसले ले रही थी, उस पर रोक लगा दी।



एक बेंच में हो सकती थी सुनवाई

एक ही विषय पर एक ही हाईकोर्ट की दो अलग-अलग बेंचों में सुनवाई सामान्यत: नहीं हाेनी चाहिए। सरकार या कोई भी पक्षकार पहले ही यह आवेदन कर सकते थे कि इनकी सुनवाई एक ही जगह हो। चीफ जस्टिस चाहते तो एक बड़ी बेंच में सारे मामले भेज देते।

जस्टिस एनके जैन, सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज



आगे क्या

चीफ जस्टिस आज से जबलपुर हाईकोर्ट में पोषण आहार से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगे।

पोषण आहार का भविष्य चीफ जस्टिस के हाथ में

दो बेंच में फैसलों से स्थिति विरोधाभासी हो गई है। ऐसी स्थिति में अब चीफ जस्टिस के द्वारा निर्णय लिया जाएगा कि पोषण आहार वितरण पर क्या किया जाए। कई बार जजेस में मतभिन्नता (डिफरव्यू) हो जाती है ऐसे में तीसरे जज के पास मामला भेजा जाता है। बीआरटीएस के मामले में भी ऐसा ही हुआ था। बसलेन में कार चले या नहीं इस पर इंदौर खंडपीठ की डिविजन बेंच में ही अलग-अलग विचार थे, यह केस भी जबलपुर भेजा गया था। आनंद अग्रवाल, अधिवक्ता हाईकोर्ट, इंदौर

9 मार्च 2018 : जस्टिस एससी शर्मा-जस्टिस वीरेंद्रसिंह

पुरानी व्यवस्था में एक भी दिन सप्लाई नहीं होनी चाहिए। ऐसा लगता है कि सरकार कुछ लोगों को फायदा पहुंचा रही है।

सरकार ने क्या किया : एक दिन पहले ही एमपी स्टेट एग्रो से पोषण आहार की सप्लाई बंद करने का आदेश जारी किया।

13 मार्च 2018 : जस्टिस पीके जायसवाल-जस्टिस वीरेंद्र सिंह

सरकार के 8 मार्च के निर्णय पर रोक, जिसमें कहा गया था कि पुरानी व्यवस्था तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है।

सरकार ने क्या किया : कैबिनेट में पोषण आहार की नई व्यवस्था को स्वीकृति। तब तक शॉर्ट टर्म टेंडर से सप्लाई।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |
Web Title: दस दिन में जारी होंगे शाॅर्ट टर्म टेंडर एक बेंच के आदेश में संशोधन के लिए दूसरी बेंच में पहुंची सरकार
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×