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बंद तरण पुष्कर की दीवार फांदकर नहाने घुसे मूक-बधिर छात्र की डूबने से मौत

News - शाहजहांनाबाद स्थित संजय तरण पुष्कर में शुक्रवार को नहाते समय डूबने से एक मूक-बधिर छात्र की मौत हो गई। वह होली...

Dainik Bhaskar

Mar 04, 2018, 07:20 AM IST
बंद तरण पुष्कर की दीवार फांदकर नहाने घुसे मूक-बधिर छात्र की डूबने से मौत
शाहजहांनाबाद स्थित संजय तरण पुष्कर में शुक्रवार को नहाते समय डूबने से एक मूक-बधिर छात्र की मौत हो गई। वह होली खेलने के बाद दोस्तों के साथ 15 फीट की दीवार फांदकर नहाने के लिए अंदर पहुंचा था। दोस्त उसे पानी से निकालकर हमीदिया लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद सामाजिक न्याय विभाग की रिपोर्ट पर कलेक्टर ने वार्डन और रसोईया को सस्पेंड कर दिया है।

18 वर्षीय सोहनलाल चढ़ार टीकमगढ़ का रहने वाला था। वह ईदगाह हिल्स स्थित मूक-बधिर स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ता था। 2008 में उसका यहां एडमिशन हुआ था। पिता कमलेश कुमार का पहले ही निधन हो चुका है। एएसआई हरिओम गोस्वामी ने बताया कि शुक्रवार दोपहर 2 बजे सोहनलाल दोस्तों के साथ होली खेलने के बाद तरण पुष्कर की दीवार फांदकर नहाने के लिए पहुंचा था। डूबने से उसकी मौत हो गई। संजय तरण पुष्कर के गेट का ताला तोड़कर सोहनलाल को बाहर निकालकर हमीदिया अस्पताल ले जाया गया था।













होली के दिन संजय तरण पुष्कर बंद था। चौकीदार भी ताला लगाकर गया था। घटना की सूचना मिलने के बाद छात्र के दादा भोपाल पहुंच गए हैं, जिन्हें पीएम के बाद शव सौंप दिया गया है। अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि छात्र हॉस्टल से कितने बजे निकला और उसके साथ और कौन लोग थे। पुलिस का कहना है कि साइन लैग्वेज एक्सपर्ट की मदद से घटना के बारे में पता लगाया जा रहा है। इसके बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो पाएगा।



15 फीट ऊंची दीवार फांदकर घुसते हैं लोग

सोहनलाल चढ़ार

इसी दीवार को फांदकर तरण पुष्कर में नहाने के लिए घुसे थे छात्र।

पुलिस के मुताबिक तरण पुष्कर के पीछे वाले हिस्से में 15 फीट की दीवार है। इस दीवार को एक कोने का सहारा लेकर अंदर आसानी से जा सकते हैं। इसी कारण मोहल्ले के कुछ अन्य बच्चे भी अंदर नहा रहे थे। मूक-बधिर छात्र भी दीवार फांदकर अंदर चले गए। जब वह डूबने लगा, तो नहा रहे अन्य बच्चों ने इसकी जानकारी हाॅस्टल में दी। चौकीदार ने इसकी सूचना वार्डन व पुलिस को दी।

मदद के लिए चैनल गेट हिलाता रहा दोस्त

जिस वक्त सोहनलाल खुद को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहा था। मैं मदद मांगने के लिए दौड़ा। लेकिन गेट पर ताला लगा होने के कारण कुछ नहीं कर सका। मदद के लिए काफी देर तक चैनल गेट को हिलाता रहा। कई लोग आए और चले गए। फिर कुछ देर में लोग वहां पर एकत्रित हुए और गेट पर लगे ताले को तोड़कर भीतर आए। वे सोहनलाल को हमीदिया अस्पताल ले गए।

(जैसा कि सोहनलाल के दोस्त ललित मोंगिया ने वार्डन को साइन लैंग्वेज में बताया)

होली के दिन गायब थे जिम्मेदार

हाॅस्टल में 64 मूक-बधिर और दृष्टिबाधित छात्र रहते हैं। घटना के दिन यहां पर 40 छात्र मौजूद थे। बच्चों के देखरेख की जिम्मेदारी संभालने वाली हॉस्टल अधीक्षिका प्रभा सोमवंशी और वार्डन प्रमोद मिश्रा दोनों गायब थे, जबकि दोनों की ड्यूटी यहां पर 24 घंटे के लिए होती है। 40 बच्चों की जिम्मेदारी होली के दिन रसोइया किशनलाल रैकवार के भरोसे छोड़ रखी थी। चौकीदार का काम भी उसी के भरोसे था।

बड़ा सवाल: गेट पर सुरक्षाकर्मी क्यों नहीं?

बड़ा सवाल यह है कि जिस हॉस्टल में बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंध है। गेट पर गार्ड को तैनात रखने की व्यवस्था रहती है। उसके बाद भी बच्चे बाहर निकल गए। सुरक्षा कर्मी नहीं होने के चलते। यह हादसा हो गया।

अफसर बाेले-नगर निगम की भी लापरवाही


डूबने से हुई मौत


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