--Advertisement--

भास्कर पड़ताल

News - मार्च के शुरू होते ही जलसंकट की आहट होने लगी है। बड़े तालाब का जलस्तर लगातार गिरता जा रहा है। इस वजह से नगर निगम ने...

Dainik Bhaskar

Mar 04, 2018, 07:25 AM IST
भास्कर पड़ताल
मार्च के शुरू होते ही जलसंकट की आहट होने लगी है। बड़े तालाब का जलस्तर लगातार गिरता जा रहा है। इस वजह से नगर निगम ने बड़े तालाब से शहर में पानी सप्लाई के लिए हर रोज 2.28 करोड़ लीटर (5 एमजीडी) पानी की कटौती कर दी है। अगले हफ्ते से सप्लाई में रोजाना 4.56 करोड़ लीटर (10 एमजीडी) की कटौती की जा सकती है। अभी तक बड़े तालाब से सप्लाई के लिए रोजाना 13.68 करोड़ लीटर (30 एमजीडी) पानी लिया जा रहा था।

दरअसल, सामान्य से 30 फीसदी कम बारिश होने से बड़े तालाब का जलस्तर फुल टैंक लेवल 1666.80 फीट तक नहीं पहुंच पाया। शुक्रवार को एफटीएल 1656.60 फीट था। इसके अलावा तपिश ज्यादा होने से पानी भाप बनकर उड़ रहा है। इस वजह से निगम ने पानी कटौती का फैसला लिया है। नगर निगम के वाटर सप्लाई डिपार्टमेंट के अधिकारी पिछले 15 दिन से शहर के फिल्टर प्लांट्स का दौरा कर रहे हैं। पिछले 20 दिन में इसी मसले को लेकर सात बैठकें भी हो चुकी हैं।

कहां से कितना पानी सप्लाई


लगातार चार साल आधी कटौती करनी पड़ी थी

सितंबर अंत में यह था लेवल (फीट में)

2008

1655.0

2009

1662.70

2010

1657. 60

2011

1664.50

एफटीएल से 10.20 फीट कम

मानसून अंत में यानी 1 अक्टूबर 2017 को तालाब का लेवल 1661.50 फीट था। 10 फरवरी को यह घटकर 1657.35 फीट हो गया। 3 मार्च 2018 को यह 1656.60 फीट रह गया है। अभी यह फुल टैंक लेवल से 10.20 फीट कम है। पिछले साल इन दिनों तालाब का लेवल 1663.00 फीट था। अभी तालाब में 1135 मिलियन क्यूबिक फीट(एमसीएफटी) पानी है। तपिश की वजह से पानी भाप बनकर उड़ रहा है। इससे जलस्तर कम हो रहा है।

(फीट में)

2.28 करोड़ लीटर का गणित

एक गैलन में 4.56 लीटर पानी होता है। एक मिलियन गैलन में 45.60 लाख लीटर पानी । इस तरह 5 मिलियन गैलन (एमजीडी) यानी 2.28 करोड़ लीटर पानी की कटौती।

2008 में भी 45 फीसदी बारिश कम होने से ऐसे ही हालात बने थे।

दावा- नहीं होगी किल्लत


X
भास्कर पड़ताल
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..