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इंसानियत से जिएं और वतन से मोहब्बत रखें : सिराज साहब

अल्लाह ने मौत और जिंदगी को बनाया है। जिस इंसान को अच्छाई और बुराई का अहसास है तो उसकी जिंदगी संवर जाती है। स्व. खलील...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 07:25 AM IST
अल्लाह ने मौत और जिंदगी को बनाया है। जिस इंसान को अच्छाई और बुराई का अहसास है तो उसकी जिंदगी संवर जाती है। स्व. खलील उल्ला साहब का मामला सबके साथ मोहब्बत का था। सब लोग वतन और इंसानियत की मोहब्बत को कायम रखें, क्योंकि उन्होंने हमेशा इसको जारी रखा। यह बात मौलाना पीर सिराज मियां मुजद्दिदि (अमीर दारूल उलूम ताजुल मसाजिद) ने उर्दू अकादमी में स्व. खलील उल्लाह साहब की याद में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कही।

बज्मे शाईकीन-ए-अदब द्वारा स्व. खलील उल्लाह खान की याद में आयोजित श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता करते हुये पीर सिराज मियां ने आह्वान किया कि सबको वतन और इंसानियत से मोहब्बत रखना चाहिए। भोपाल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष टीपी विश्वकर्मा ने कहा कि पृथ्वी पर जन्म लेने के बाद मनुष्य की जीवन यात्रा का दौर शुरू होता है। यह एक लंबी यात्रा होती है। ऐसे में व्यक्त्तिव की मौलिकता को कायम रखना बहुत बड़ी उपलब्धि है। खलील उल्लाह साहब ने मौलिकता की उनका स्वभाव बुनियादी था। उनमें स्वभाविक रूप से जन-कल्याण की भावना थी। वह सदैव हमारे लिए प्रेरणा दायक रहेंगे।