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मप्र वेंचर फाइनेंस लि. के एमडी का इस्तीफा बोले- ब्यूरोक्रेसी का रवैया बिल्कुल ठीक नहीं

सूबे के युवा उद्यमियों के स्टार्टअप की मदद के लिए बने मप्र वेंचर फाइनेंस लिमिटेड (एमपीवीएफएल) के एमडी और सीईओ डॉ....

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 01:15 PM IST

सूबे के युवा उद्यमियों के स्टार्टअप की मदद के लिए बने मप्र वेंचर फाइनेंस लिमिटेड (एमपीवीएफएल) के एमडी और सीईओ डॉ. संदीप कड़वे ने इस्तीफा दे दिया है। डॉ. कड़वे का कहना है कि मैंने इस्तीफा ब्यूरोक्रेसी से तंग आकर दिया है। डॉ. कड़वे को उनकी विशेषज्ञताओं की वजह से सरकार ने कंपनी का एमडी और सीईओ बनाया था। प्रदेश में युवा उद्यमियों के नए आइडिया वाले स्टार्टअप को मदद के लिए 100 करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड बनाया गया था। इसके लिए 15 अक्टूबर 2014 को एमपीवीएफएल का गठन हुआ था। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी घोषणा की थी। तीन साल पहले बनी इस कंपनी से आज तक किसी भी उद्यमी को एक रुपए की मदद नहीं मिली है। वहीं सरकार के पास 40 स्टार्टअप के प्रस्ताव लंबित पड़े हैं, जिनमें मदद के लिए युवा उद्यमी चक्कर काट रहे हैं।

डॉ. कड़वे को उनके अनुभव के आधार पर दी गई थी यह जिम्मेदारी

चेयरमैन को लिखी चिट्‌ठी

कंपनी के एमडी और सीईओ दोनों पद छोड़ने के पहले 10 जनवरी को डॉ. कड़वे ने एक पत्र चेयरमैन और वित्त विभाग के एसीएस एपी श्रीवास्तव को लिखा था। इसमें उन्होंने तमाम दिक्कतों का जिक्र किया था। इसके बाद 23 जनवरी को उन्होंने इस्तीफा भेजा दिया, जिसमें उन्होंने ब्यूरोक्रेसी के रवैये को लेकर कई सवाल उठाए हैं।

सरकार ने केवल 5 करोड़ दिए

सरकार ने 100 करोड़ के फंड में 20 करोड़ देना तय किया था। अब तक एक बार ऑफिस सेटअप के लिए 5 करोड़ दिए गए हैं। सरकार के फंड नहीं देने की वजह से भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) और एक मल्टी नेशनल कंपनी से 20-20 करोड़ की मदद तथा बाकी 5 बैंकों ने भी 10-10 करोड़ देने से साफ इंकार कर दिया।

डॉ. संदीप कड़वे को फाइनेंस, बैंकिंग, निवेश और वित्त से जुड़े देश के तमाम संस्थानों में काम करने का 26 साल का अनुभव है। उन्होंने कैपिटल मार्केट, प्राइवेट इक्विटी, मर्चेंट बैंकिंग, मार्केट रिसर्च, आईटी सर्विसेस जैसे क्षेत्र में काम करने का अनु‌भव है। कड़वे ने फाइनेंस और मार्केटिंग से एमबीए और इकॉनामिक्स में पीएचडी की है। डॉ. कड़वे मैकेनिकल इंजीनियर हैं। उन्हें सरकार इतनी विशेषज्ञताओं के कारण ही कंपनी का एमडी और सीईओ बनाकर लाई थी।

पूछते हैं अजीब सवाल

कंपनी के एमडी और सीईओ के पद से इस्तीफा दे दिया है। एक पत्र लिखने के बाद दूसरे पत्र में इस्तीफा भेजा है। इनमें सारी वजह लिखी है। ब्यूरोक्रेसी का रवैया िबल्कुल ठीक नहीं था। कई तरह के अजीब सवाल पूछे जाते थे। अभी तक इस्तीफे के कारणों पर किसी अफसर ने मुझसे बात नहीं की है। - डॉ. संदीप कड़वे, एमडी-सीईओ, एमपीवीएफएल

कंपनी के एमडी डॉ. संदीप कड़वे के इस्तीफे से जुड़ा पत्र हमें मिला है। अब यह बोर्ड तय करेगा कि इस पत्र पर क्या निर्णय लेना है। उन्हें क्या नाराजगी है, वे ही बता पाएंगे। - एपी श्रीवास्तव, एसीएस, वित्त विभाग

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