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7 में से कोई भी बच्चा बीमार मां को रखने को तैयार नहीं

बुजुर्ग बीमार मां को नहीं रखने के मामले में टीटी नगर एसडीएम ने एक अहम फैसला सुनाया है। फैसले के तहत उन्होंने चार...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 01:20 PM IST
7 में से कोई भी बच्चा बीमार मां को रखने को तैयार नहीं
बुजुर्ग बीमार मां को नहीं रखने के मामले में टीटी नगर एसडीएम ने एक अहम फैसला सुनाया है। फैसले के तहत उन्होंने चार बेटों काे तीन-तीन महीने तक मां को अपने पास रखने के आदेश दिए हैं। इन दौरान मां के हालचाल के बारे में बेटों को एसडीएम कोर्ट को जानकारी देने के लिए कहा गया है।

तुलसी नगर में रहने वाली 85 साल की शकुंतला दुबे के पति पीएन दुबे लोकायुक्त में इंस्पेक्टर थे। उनके चार बेटे और तीन बेटियां हैं। पति के स्वर्गवास के बाद उन्होंने चारों बेटों मनोज कुमार, राजकुमार, हीरेश कुमार और दिनेश कुमार को संपत्ति में से हिस्सा दे दिया गया। इसके बाद सभी ने मां की देखरेख से मुंह मोड़ लिया। किसी भी बेटे ने मां की जिम्मेदारी नहीं उठाई। दो पुत्र शासकीय सेवा में है और दो अन्य पुत्र प्राइवेट काम करते है।

बेटों द्वारा देखभाल न किए जाने की शिकायत महिला ने टीटी नगर एसडीएम संजय श्रीवास्तव के यहां की। सुनवाई के बाद एसडीएम श्रीवास्तव ने आदेश दिया कि सभी पुत्र तीन-तीन माह अपने साथ रखकर बुजुर्ग मां की सेवा करेंगे और खर्चे के लिए एक हजार रुपए प्रतिमाह अलग से दें। एसडीएम श्रीवास्तव ने कहा कि आदेश का पालन न करने पर पुत्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एसडीएम कोर्ट का फैसला-अब तीन-तीन महीने चार बेटों के साथ रहेगी मां

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