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अमाही के आसपास के बोर होंगे अधिगृहीत फिल्टर प्लांट तक बड़े टैंकर ले जाएंगे पानी

News - अमाही में मात्र 8.5 फीट पानी शेष बचा है जो अप्रैल माह तक लोगों की प्यास बुझा सकेगा। हर साल की तरह जिन वार्डो में पाइप...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:40 AM IST
अमाही के आसपास के बोर होंगे अधिगृहीत फिल्टर प्लांट तक बड़े टैंकर ले जाएंगे पानी
अमाही में मात्र 8.5 फीट पानी शेष बचा है जो अप्रैल माह तक लोगों की प्यास बुझा सकेगा। हर साल की तरह जिन वार्डो में पाइप लाइन नहीं है वहां तो पानी का परिवहन बरखेड़ी सहित शहर के ट्यूबवेल से किया जाएगा। इस साल 2010 की तरह बड़े टैंकरों से इंटेकवेल और फिल्टर प्लांट तक पानी पहुंचाया जाएगा। इन टैंकरों की क्षमता 12 से 20 हजार लीटर तक रहेगी।

आने वाले एक माह बाद शहर में पेयजल संकट गहरा जाएगा। इस संकट से निजात पाने के लिए नपा के पास परिवहन के अलावा कोई विकल्प नहीं है। शहर में 7800 नल कनेक्शन हैं जिनमें एक दिन छोड़कर पानी पहुंचता है। अब नपा इन नलों में पानी पहुंचाने के लिए अमाही के आसपास के ट्यूबवेल अधिगृहीत करेगी साथ ही जिस कंपनी के पास परिवहन का टेंडर रहेगा, उसकी जिम्मेदारी जलस्रोतों से नपा के इंटेकवेल और फिल्टर प्लांट तक पानी पहुंचाने की रहेगी।

जहां पाइप लाइन नहीं वहां पहुंचेंगे टैंकर, बाकी जगह नलों से आएगा पानी

जिस कंपनी के पास परिवहन का ठेका होगा वहीं इंटेकवेल तक पहुंचाएगी पानी

परेशानी : वर्तमान में मात्र 6 ट्यूबवेल चालू

नगर पालिका के पास फिलहाल की स्थिति में मात्र 6 ट्यूबवेल चालू हैं। अमाही के पास नपा के 11 ट्यूबवेल थे, इनमें से 6 चालू करा लिए गए हैं। वहीं शहरी क्षेत्र में 27 में से 10 चालू हैं लेकिन जलस्तर में गिरावट के चलते नपा को इन पर विश्वास नहीं है कि गर्मियों में ये कितना साथ देंगे। शहर में हर दिन करीब 22 लाख लीटर पानी की सप्लाई की जाती है।

सफर : अमाही से आठ किमी दूर फिल्टर प्लांट

शहर की प्यास बुझाने के लिए नपा को 15 हजार लीटर क्षमता के 150 बड़े टैंकरों की जरूरत पड़ेगी। नपा ने बेरखड़ी और अमाही के पास से पानी उठाने की योजना बनाई है। यहां से फिल्टर प्लांट की दूरी करीब 8 किमी हैं। ऐसे में भरने से लेकर खाली होकर वापस पाइंट तक पहुंचने में करीब 4 घंटे का समय लगेगा।

भारत विकास परिषद इस तरह से प्याऊ के लिए टंकियां तैयार कर दे रहे हैं।

इधर इन्होंने भी मदद के लिए बढ़ाए हाथ

1.स्वयं के खर्चे से 9 टैंकरों से करेंगे जरूरत वाले क्षेत्रों में हर दिन सप्लाई

शहर के समाजसेवी जितेन्द्र कोठारी ने अपने पिता की स्मृति में संवेदना संस्था के माध्यम से इस वर्ष 9 टैंकरों का निर्माण कराया है। करीब 7 लाख रुपए की लागत से बनकर तैयार हुए इन टैंकरों से शहर में जहां पानी की जरूरत होगी वहां स्वयं के ट्यूबवेल से पानी भरवाकर हर दिन टैंकरों को पहुंचाएंगे। इसके लिए हल्लाबोल संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ वार्डों में समिति गठित की जाएगी जिससे पानी भरते समय विवाद की स्थिति न बने। श्री कोठारी ने बताया कि टैंकरों के 4 टोटियां लगाई हैं जिससे जिसे पानी की आवश्यकता हो वे इसका जरूरत के अनुसार उपयोग कर सकें। 16 अप्रैल से परिवहन शुरू कराया जाएगा। इससे लोगों को जल संकट से कुछ हद तक राहत मिलेगी।

2. भारत विकास परिषद का 20 प्याऊ लगाने का लक्ष्य, टंकियां भी देंगे

300 मीटर की दूरी पर अगर पानी की कोई व्यवस्था नहीं है तो भारत विकास परिषद द्वारा वहां पर प्याऊ लगवाने का प्रयास किया जाएगा। परिषद के सदस्य श्याममोहन गुप्ता ने बताया कि पिछले साल उनकी संस्था ने 10 प्याऊ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगाई थी लेकिन इस वर्ष 20 प्याऊ स्थापित करने का लक्ष्य है। इसके लिए 200 लीटर क्षमता की टंकी के साथ फट्टा, लाल कपड़ा सहित बैनर संस्था उपलब्ध कराएगी। शहर के अलावा चंदेरी में दो और अथाईखेड़ा में एक प्याऊ भी संस्था की पहल पर शुरू होने वाली हैं। श्री गुप्ता ने बताया कि उनके पास एक टैंकर हैं जिससे शशीन्द्र राणा चौराह से कोलुआ रोड तक प्याऊ की टंकियां भरी जाती हैं।

शहरवासियों को परेशान नहीं होने देंगे


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