भोपाल

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दस साल बाद फिर बनेगी शहर की तीन किमी लंबी मुख्य सड़क

शहर के पुराने हाईवे (अब मैन रोड) पर 10 साल बाद डामरीकरण कर इसका पुनर्निर्माण किया जाएगा। 10 साल से यह प्रमुख सड़क...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 03:40 AM IST
शहर के पुराने हाईवे (अब मैन रोड) पर 10 साल बाद डामरीकरण कर इसका पुनर्निर्माण किया जाएगा। 10 साल से यह प्रमुख सड़क रिपेयरिंग के अभाव में जर्जर हो रही है। नगर पालिका इस सड़क को पाने के लिए कई बार शासन को प्रस्ताव भेज चुकी है। जबकि पीडब्ल्यूडी की इस सड़क की रिपेयरिंग के लिए विभाग बार-बार टेंडर लगा रहा था। मगर जीएसटी लागू होने के बाद से परेशान ठेकेदार इसके लिए टेंडर ही नहीं डाल रहे थे। अब 7वीं बार निकाले टेंडर के बाद, निर्माण एजेंसी फाइनल हो पाई है। इस सड़क का कंस्ट्रक्शन अगले एक-दो दिन में ही शुरू हो जाएगा। सड़क पर विभाग 35 लाख 26 हजार रुपए खर्च करेगा। इस राशि से सड़क के पुनर्निर्माण के लिए डामर का कोट चढ़ाया जाएगा। इससे शहर के 20 हजार से अधिक लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इस खराब सड़क के सुधरने से खिलचीपुर नाके से जिला अस्पताल सहित पुराने शहर के रहवासी क्षेत्रों में पहुंचना आसान होगा।

बाकी के टेंडर निकालेंगे


जीएसटी लागू होने के बाद से परेशान ठेकेदार टेंडर ही नहीं डाल रहे थे

10 साल बाद शहर की सड़क पर होगा डामरीकरण।

किस मार्ग के निर्माण में कितनी आएगी लागत

मार्ग लंबाई लागत

पिपलोदी मार्ग 18 किमी 9 लाख 1 हजार

घोड़ा पछाड़ से किला अमरगढ़ 12 किमी 5 लाख 67 हजार

निवारा से कड़ियाहाट 4.75किमी 36 जाख 23 हजार

शहरी भाग अोल्ड एनएच 3.30किमी 35 लाख 26 हजार

कछोटिया से हालाहेड़ी मार्ग 5.0 किमी 36 लाख 75 हजार

नापानेर नेवली मार्ग 3.35किमी 27 लाख 71 हजार

जिले के महत्वपूर्ण संस्थान हैं इसी रोड पर

शहर में खिलचीपुर नाके से जिला अस्पताल होते हुए खरलानाला और नए बस स्टैंड तक जाने वाली इस सड़क पर जिला पंचायत, शास स्टेडियम, पीजी कॉलेज, चार हॉस्टल, जनपद पंचायत कार्यालय, जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालय, पेट्रोल पंप, मोहनपुरा डेम सहित पीडब्ल्यूडी, डब्ल्यू आरडी, इरीगेशन, पशु चिकित्सालय, जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र आदि स्थित हैं। इनमें रोजाना आवाजाही होती है। खराब रोड की से दुर्घटनाओं में जान तक चली गईं।

इन सड़कों की हालात भी खस्ता

नागरिक मनोहरसिंह गुप्ता, मुकेश गौड़, राकेश आदि के मुताबिक शहर की इस मुख्य सड़क के अलावा शहर को आसपास के ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाली कई सड़कों की हालत में भी सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि घोड़ा पछाड़-किला अमरगढ़, कड़ियाहाट, चाटूखेड़ा सहित अन्य सड़कें भी बेहद खराब स्थिति में हैं। जबकि इन महत्वपूर्ण सड़कों से न सिर्फ जिला बल्कि पड़ोसी राज्य राजस्थान के इलाकों में भी आवाजाही होती है।

जीएसटी काटकर भुगतान किए, इसलिए नहीं मिल रहे ठेकेदार

इस मैन सड़क के निर्माण के लिए कोई ठेकेदार के तैयार न होने से विभाग को 7बार टेंडर निकालने पड़े। असल में जीएसटी लागू होने के बाद सरकार पुराने टेंडरों के एवज में किए गए भुगतान भी जीएसटी काटकर कर रही है। भले ही यह काम जीएसटी लागू होने के पहले स्वीकृत हुए हों। इससे नाराज क्षेत्रीय ठेकेदारों ने यूनियन बना ली है। यह यूनियन उनके पुराने कामों में काटी गई जीएसटी की राशि को वापस करने का दबाव बना रही है। इतना ही नहीं विभाग जीएसटी के बाद स्वीकृत निर्माण कार्यों की दरों में 10 फीसदी एसओआर (शेड्यूल ऑफर रेट) भी काट रही है। इसके चलते ठेकेदार काम में हाथ नहीं डालना चाहते। यूनियन ने तय किया कि ठेकेदार डामर संबंधी कोई काम नहीं लेंगे।

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