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हर काम के लिए क्यों दोषी मानी जाती हैं बेटियां

गोघटपुर में मेरोठा समाज की महिलाओं और बेटियों की विशाल सभा आयोजित की गई। राठौर धर्मशाला में रखी गई सभा में मौजूद...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:55 AM IST

हर काम के लिए क्यों दोषी मानी जाती हैं बेटियां
गोघटपुर में मेरोठा समाज की महिलाओं और बेटियों की विशाल सभा आयोजित की गई। राठौर धर्मशाला में रखी गई सभा में मौजूद महिलाओं और लड़कियों ने अपनी बात रखी।

इसमें कोटा से आई कृष्णा मेरोठा ने समाज में व्याप्त कुरीतियों एवं बेटियों के बारे में व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि बेटी को भी बेटे की तरह ही शिक्षा दें और बेटी के जन्म पर प्रत्येक पिता 11 पौधे लगाकर उसका पालन-पोषण करे। 12से 15 साल की लड़कियों ने भी अपने मन की बात बयां की। उन्होंने कहा कि बेटी ही हर काम के लिए क्यों दोषी मानी जाती है, जबकि वो क्या चाहती है, इस पर सभी मां-बाप को ध्यान देना चाहिए। इस अवसर पर बेटियों को स्वास्थ्य के बारे में भी बताया गया। वहीं मौके पर सभी की प्रतिभाओं का सम्मान भी किया।

बैठक में महिलाओं ने समाज में व्याप्त कुप्रथाओं बाल विवाह सहित अन्य कुरीतियों पर प्रतिबंध लगाया। वहीं बालिका शिक्षा और उसके विकास पर जोर दिया। इस अवसर पर माता, बहनों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम का संचालन मनीषा मेरोठा ने किया। इस अवसर पर रक्षा, ममता, ललिता, अनिता, सुगन, गीता, कांता बाई, नौरंग बाई, गिरजा बाई, पूजा, पिंकी, दुर्गाबाई सहित मप्र व राजस्थान से बड़ी संख्या में आई समाज की महिला और पुरुष मौजूद रहे।

समाज की कुरीतियों को खत्म करने एकत्रित हुईं मेरोठा समाज की महिलाएं।

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