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80 फीट नीचे पहुंचा पानी, नपा के 98 में से 20 बोर बंद

बरसात के दौरान नगर में कम बारिश का असर अभी से नजर आने लगा है। फरवरी के दूसरे पखवाड़े में ही बोरवेल और हैंडपंपों ने...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:00 AM IST
बरसात के दौरान नगर में कम बारिश का असर अभी से नजर आने लगा है। फरवरी के दूसरे पखवाड़े में ही बोरवेल और हैंडपंपों ने पानी का साथ छोड़ दिया। भीषण गर्मी के पूर्व ही नगर में भू.जल तेजी से पाताल की ओर जाने लगा है। अब तक धरती का पानी 70 से 80 फीट तक नीचे पहुंच चुका है। इससे नगर में पेयजल संकट की स्थिति बन गई है। इसे देखते हुए नपा द्वारा निजी टैंकरों को अनुबंधित कर वार्डों में पानी का परिवहन किए जाने की तैयारी की जा रहा है। तेजी से गिरते भूजल ने नपा अफसरों की परेशानी बढ़ा दी है। क्योंकि अभी और भूजल गिरेगा। इससे पेयजल संकट की और ज्यादा भयावह स्थिति बन जाएगी।

औद्योगिक नगर में भूजल बड़ी तेजी के साथ नीचे खिसक रहा है। फरवरी माह के पहले पखवाड़े तक वाटर लेबल 65 फीट था। जो बुधवार तक खिसक कर 80 फीट तक पहुंच गया था। तेजी से नीचे की ओर जा रहे पानी का असर नपा के बोरवेलों पर पड़ने लगा है। नपा के जल शाखा प्रभारी परमानंद विश्वकर्मा बताते हैं कि अभी जलस्तर80 फीट तक कम हो गया है। इससे बीते 18 दिनों में नपा के 98में से बीस बोरवेल और 80 में से 25 हैंडपंप दम तोड़ चुके हैं। इसके अलावा 30 बोर का जल स्तर घट गया। जिसके चलते जलसंकट गहराने लगा है। ऐसे में दो दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है।

पानी बचाओ जागरूकता अभियान चला रही नपा नपाध्यक्ष बद्री सिंह चौहान बताते हैं कि जल संकट से निपटने नपा निजी टैंकरों से अनुबंधित कर वार्डों में पानी का परिवहन करने की तैयारी कर रही है। अगले सप्ताह से यह व्यवस्था शुरु हो जाएगी।

रहवासियों को पानी की अधिक परेशानी न हो, वे इसका सदुपयोग करें इसके लिए लोगों को जागरूक करने के लिए पानी बचाओ जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वाहनों से वार्डों में मुनादी करने के साथ होर्डिंग्स के माध्यम से लोगों से पानी बचाने की अपील कर रहे हैं। ताकि आगे उन्हें पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े।

परेशानी

दो दिन छोड़कर की जा रही आपूर्ति,र्मी आने से पहले ही गहराने लगा जल संकट