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कथा... संसार में आने के बाद पहला कर्तव्य अपने धर्म की रक्षा करना है: कथा वाचक पंडित मेहता

नरसिंहगढ़ |श्री सद्गुरु आश्रम में चल रहे साप्ताहिक सद्गुरु महोत्सव के तीसरे दिन गुरुवार को भागवत कथा में कथावाचक...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 04:40 AM IST
नरसिंहगढ़ |श्री सद्गुरु आश्रम में चल रहे साप्ताहिक सद्गुरु महोत्सव के तीसरे दिन गुरुवार को भागवत कथा में कथावाचक पंडित मनोज मेहता ने मनुष्य के मूल कर्तव्यों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जिस परमेश्वर ने हमें जन्म दिया है, उसके बताए रास्ते पर चलना और अपने धर्म पर अडिग रहना हमारा प्रथम कर्तव्य होता है। लेकिन मनुष्य इस बात को नहीं समझता। हमारे मनीषियों ने बताया है कि गर्भ में पल रहा शिशु नारकीय स्थिति में रहता है और पूरे समय ईश्वर से विनती करता है कि वे उसे बाहर के संसार में जल्दी भेजें। प्रभु उसे बाहर भेजते भी हैं, लेकिन वह अपने मूल कर्तव्य को छोड़कर ना करने वाले कामों में उलझ जाता है। यह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित ने सभी काम छोड़कर 7 दिनों तक भागवत कथा का श्रवण किया तो उन्होंने मोक्ष पाया। यह 7 दिन ही जीवन के 7 दिन होते हैं। हमारा जीवन 7 दिनों का ही है ,इसके बाद फिर वही 7 दिन शुरू होते हैं, यह समझने वाली बात है। कथा के दौरान भगवान वामन के अवतार की झांकी के दर्शन भी कराए गए। रात को पंडित कपिल कुमार ने रामचरितमानस के प्रसंगों पर प्रवचन दिए और संस्कृत गुरुकुल के संचालक प्रफुल्ल तोवर ने पंचपदी की व्याख्या की।