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घटना 2 जनवरी 2018 की है। मैं अपने घर से

घटना 2 जनवरी 2018 की है। मैं अपने घर से खलिहान जा रहा था। तभी एक लाल रंग की आल्टो कार मेरे पास रुकी। उसमें 3 लोग थे,...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 03:45 AM IST
घटना 2 जनवरी 2018 की है। मैं अपने घर से खलिहान जा रहा था। तभी एक लाल रंग की आल्टो कार मेरे पास रुकी। उसमें 3 लोग थे, जिन्होंने कुछ सुंघाकर मुझे बेहोश किया।बाद में जब होश आया तो मैंने खुद को एक बोलेरो कार में पाया। मुझे होश में देखकर उन तीनों ने मेरे घर वालों का मोबाइल नंबर मांगना शुरू किया। मैं समझ गया था कि मैं गलत लोगों के बीच में हूं। इसलिए मैंने दोबारा बेहोश होने की एक्टिंग की। उनमें से 2 लोग गाड़ी खड़ी करके कहीं नाश्ता लेने निकल गए थे। एक व्यक्ति रखवाली के लिए वहीं रुक गया। मैंने देखा गाड़ी में शराब की बोतल पड़ी है। पर मुझे समझ में आया कि यह काम नहीं आएगी। तभी नजर एक लोहे की टामी पर गई। मैंने उसे उठाकर पूरी ताकत से उस आदमी के सिर पर मारा और तेज दौड़ लगा दी। मैंने पीछे मुड़ कर भी नहीं देखा। आधे घंटे तक लगातार दौड़ने के बाद मुझे पचोर का बोर्ड नजर आया। इसके बाद मैं पचोर पहुंचा। वहां कई लोगों से बात करने के लिए मोबाइल मांगा, लेकिन किसी ने मेरी बात पर ध्यान नहीं दिया। तब मुझे मेरी उम्र का एक और लड़का मिला, जिसने मेरी बात सुनने के बाद मुझे मोबाइल दिया। मैंने अपने घर के लोगों को फोन लगाकर पूरी घटना के बारे में बताया। इसके बाद उन्होंने पचोर में रह रहे हमारे रिश्तेदारों को इस बात की सूचना दी और फिर मेरे रिश्तेदार मेरे पास पहुंच गए।

(जैसा संदीप गुर्जर ने दैनिक भास्कर को बताया।)

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