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कायाकल्प योजना में पिछले साल प्रदेश में दूसरे स्थान पर था पचोर का अस्पताल, प्रभारी के जाते ही खिसककर इस बार 9वें पर पहुंचा

शासन की कायाकल्प योजना में इस साल स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने प्रदेश के टॉप 10 अस्पतालों में नौवां स्थान...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 04:15 AM IST
शासन की कायाकल्प योजना में इस साल स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने प्रदेश के टॉप 10 अस्पतालों में नौवां स्थान पाया है। हालांकि पिछली बार 2016 में हुई प्रतियोगिता के मुकाबले यह गिरावट है। तब अस्पताल ने प्रदेश में दूसरा स्थान पाया था। माना जा रहा है कि वर्ष 2017 में अस्पताल के प्रभारी डॉ धर्मेंद्र भदौरिया का तबादला किए जाने की वजह से अस्पताल को टॉप बनाने कोशिशों को झटका पहुंचा। हालांकि बाद में दबाव की वजह से भदौरिया को वापस अस्पताल में पदस्थ कर दिया गया, लेकिन इसमें एक लंबा समय गुजर गया था। यह बात इसलिए कही जा रही है कि अस्पताल में बेहद सीमित संसाधन और अपर्याप्त स्टाफ के बाद भी पिछली बार भी स्टाफ की मेहनत से अस्पताल को प्रदेश में दूसरा स्थान दिलवाया था।



ऐसी ही इस बार स्थिति

9 अंकों से पिछड़ा अस्पताल।

71 अंक मिले हैं इस बार प्रतियोगिता में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को

80 अंक मिले हैं प्रथम विजेता अस्पताल को

398 अस्पतालों को पछाड़ते हुए वर्ष 2016 में दूसरे स्थान पर रहा था सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।

335 अस्पताल प्रदेशभर से शामिल हुए थे इस बार की प्रतियोगिता में।

सरकारी अस्पतालों की छवि सुधारने चल रहा है अभियान

सरकारी अस्पतालों की छवि सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 में कायाकल्प अभियान शुरू किया था। पहले चरण में प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों से 250 बिंदुओं की जानकारी फीड की गई थी, जिन्हें 6 विधाओं में बांटा गया था। इनमें मरीजों को अच्छा वातावरण, ओपीडी और अन्य जांच दवा वितरण में कम समय, बिल्डिंग का रखरखाव, संक्रमण नियंत्रण, सहायक सेवाएं, अपशिष्ट निष्पादन आदि शामिल थे।