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52 करोड़ की सड़क बनती इससे पहले आए क्रेक, उड़ने लगी धूल

शहर से खुजनेर तक बनने वाली 52 करोड़ की सीसी रोड में तकनीकी सुधार पर ध्यान नहीं किया जा रहा है। सड़क के नीचे बोल्डर को ही...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 03:35 AM IST
शहर से खुजनेर तक बनने वाली 52 करोड़ की सीसी रोड में तकनीकी सुधार पर ध्यान नहीं किया जा रहा है। सड़क के नीचे बोल्डर को ही दबाकर सीसी किया कर दिया। नतीजा यह रहा कि सड़क का निर्माण पूरा होने से पहले ही इसमें 300 से अधिक क्रेक आ गए। अब क्रेक वाली सड़क से डस्ट उड़ने लगी है।

खुजनेर होते हुए शाजापुर इंदौर को सीधे जोड़ने वाली इस सड़क पर यातायात का दबाव बनने से पहले ही सड़क उखड़ने लगी है। इस सड़क को खोदकर दोबारा बनाने की बजाय जवाबदार इसकी मरम्मत कर रहे हैं। ट्रीटमेंट के बाद भी सड़क उखड़ने लगी है। इसके बाद भी विभाग निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही खुजनेर, पचोर के साथ ही इंदौर, शाजापुर जाने वाले 10 हजार से अधिक वाहन चालकों रोजाना परेशान होने लगे हैं।

साइड पर डाले बोल्डर, सड़क पर 300 से अधिक आ गए हैं क्रेक

विभाग की चेतावनी के बाद भी नहीं किया जा रहा काम में सुधार

तकनीकी खामी से बनी कांक्रीट की सड़क मरम्मत करने के बाद भी फिर से उखड़ने लगी है।

पहले अर्थवर्क में की गड़बड़ी, अब साइड पर डाल दिए बोल्डर

सालभर पहले अर्थवर्क के दौरान गड़बड़ी की गई। इसलिए भुगतान को भी रोका था। ग्रामीण राधेश्याम, देवीसिंह ने बताया कि अब लिंबोदा व उसके आसपास के क्षेत्र में बड़े-बड़े बोल्डर डालकर उन्हें दबाया जा रहा है। जबकि अर्थवर्क के दौरान बड़े पत्थर पर प्रतिबंध है। मशीनों से इन पत्थरों को सीधे सड़क के अंदर दबाया जा रहा है। अब साइड पर भी बोल्डर डाल दिए हैं, इससे वाहन अनियंत्रित होकर पलटने का खतरा बढ़ गया है।

क्रेक को छिपाने किया ट्रीटमेंट, फिर भी उखड़ गई सड़क : 5.5 मीटर चौड़ी सड़क में मंडी गेट के आसपास सहित अन्य जगह 300 से अधिक दरारें आ गईं। एजेंसी ने 15 दिन पहले सड़क का ट्रीटमेंट भी किया, लेकिन इसके बाद भी सड़क उखड़ने लगी है। सड़क का अभी तक 10 किमी का निर्माण शेष है।

साइड भरने घटिया मटेरियल का उपयोग : रोड निर्माण से पहले अर्थवर्क के पत्थर नहीं हटाए। इससे सड़क धंसने के साथ ही क्रेक आने लगे हैं। सड़क अर्थवर्क के दौरान 11 मीटर चौड़ाई तक जिस मटेरियल का विभाग से भुगतान कर दिया है, उसी मटेरियल(सेलेक्टेड) से साइड भराई कर दी। इसमें मुरम की जगह पत्थर बिछा दिए।

कार्रवाई की जाएगी


पुलिया पर उछलते हैं वाहन, होते हैं हादसे

सड़क का लेबल सही नहीं होने से बरखेड़ा के समीप की दोनों पुलिया पर वाहन उछल रहे हैं। यहां पुलिया की ऊंचाई ज्यादा है, वहीं सड़क नीचे है। सड़क पर एंडुलम बन गए हैं। इससे वाहनों की स्पीड 70 से ऊपर नहीं जा पा रही है। साइड भरने बगल में पड़े मटेरियल को खोदकर डाला है। सड़क निर्माण में लेबल का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसलिए सारंगपुर-संडावता मार्ग की भांति इस सड़क पर भी एंडुलम बन गए हैं। सड़क का सरफेस भी 15 दिन बाद ही उखड़ने लगा। अगर सड़क पर तकनीकी सुधार नहीं किया तो खुजनेर, पचोर के साथ ही इंदौर, शाजापुर जाने वाले 10 हजार से अधिक वाहन चालकों को परेशानी होगी।