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जीवन का आनंद ईश्वर की शरण में मिलता है: कृष्णा मां

सारंगपुर | बिना गुरु के ईश्वर की प्राप्ति संभव नहीं है। अगर गुरु न मिलें तो हमें भव सागर से पार उतरने का रास्ता...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 03:50 AM IST
जीवन का आनंद ईश्वर की शरण में मिलता है: कृष्णा मां
सारंगपुर | बिना गुरु के ईश्वर की प्राप्ति संभव नहीं है। अगर गुरु न मिलें तो हमें भव सागर से पार उतरने का रास्ता बताने वाला नहीं मिलेगा। सुखदेव मुनि के बताए गए मार्ग पर चलने के बाद ही राजा परीक्षित को मोक्ष की प्राप्ति हो सकी। यह बात पालीवाल कांप्लेक्स में चल रही श्रीमद भागवत कथा के अंतिम दिन गुरुवार को भागवत कथावाचक कृष्णा मां ने कही। उन्होंने कहा कि मनुष्य को जीवन का सही आनंद ईश्वर की शरण में ही मिलता है। दुखों से परेशान मनुष्य अगर प्रभु की शरण में लीन हो जाता है, तो उसके सारे दुखों का नाश हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रभु हमें अपने खोए आनंद की प्राप्ति का सही मार्ग बताते हैं। कृष्णा मां ने कहा कि ईश्वर प्राप्ति व आत्मशुद्धि के लिए भक्ति सबसे सरल रास्ता है। भक्ति की शक्ति को भगवान हमेशा याद रखते हैं। आयोजन के दौरान कथावाचक मां ने लोगों को रोजाना सुबह ध्यान का प्रशिक्षण देने के साथ ही योग के जरिए शरीर व मन को स्वस्थ और प्रसन्न रखने के तरीके भी बताए। कथा के अंतिम दिन हिन्दू उत्सव समिति ने कथा वाचक कृष्णा मां का सम्मान किया। इस दौरान समिति के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र मिश्रा, ललित पालीवाल, भगवतशरण व्यास, खुशीलाल, सरपंच मानसिंह पाटीदार सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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