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सारंगपुर | धर्मनिरपेक्षता भारत के संविधान का मूल आधार है,

सारंगपुर | धर्मनिरपेक्षता भारत के संविधान का मूल आधार है, लेकिन कुछ फिरकापरस्त इसकी बुनियाद को हिलाने पर आमादा...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 04:05 AM IST
सारंगपुर | धर्मनिरपेक्षता भारत के संविधान का मूल आधार है, लेकिन कुछ फिरकापरस्त इसकी बुनियाद को हिलाने पर आमादा हैं। मुसलमानों को गैर मुस्लिमों की ओर अमन और मोहब्बत का हाथ बढ़ाना होगा। यह बात ऑल इंडिया शिया समाज के राष्ट्रीय जनरल सेक्रेटरी मौलाना अफरुल हसन ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कही। वहीं जिलाध्यक्ष आमिल हुसैन काजी के निवास पर आयोजित कार्यक्रम में मौलाना हसन ने हिंदू-मुस्लिम एकता का पैगाम देते हुए कहा कि भूखे को रोटी खिलाने और गरीब को गले लगाने का नाम इस्लाम है। इसी तरह प्यार, तपस्या और त्याग ही हिंदुत्व है। साथ ही उन्होंने शिया और सुन्नी समाज को अलग अलग न मानते हुए एक ही होने की बात कही है। शिया और सुन्नी समाज के बीच में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं है। दोनों समाज ही अल्लाह को मानते हैं। उन्होंने राजनीतिक पार्टियों द्वारा शिया समाज के लोगों का उपयोग करके पार्टी में कहीं भी प्राथमिकता न देने पर चिंता जताई।