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करदाता से सख्ती, वेतनभोगियों को छूट देकर बरती नरमी

गुरुवार को केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए बजट पर लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया रही। इस बजट में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 04:15 AM IST

गुरुवार को केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए बजट पर लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया रही। इस बजट में जहां एक ओर रियायतों को खत्म कर करदाताओं के साथ सख्ती बरती गई है वहीं दूसरी ओर वेतनभोगियों को 40 हजार तक की डिडक्शन छूट देकर कुछ नरमी भी बरती गई है।

इसके अलावा समाज के मध्यम वर्ग और व्यापारी वर्ग को बजट में कोई राहत नहीं मिलने से निराशा भी हुई है। इस बजट को किसान हितैषी बताया जा रहा है। विदिशा वस्त्र व्यापार संघ के अध्यक्ष अतुल जैन का कहना है कि व्यापारियों को कोई राहत बजट में नहीं दी गई है।

पर्यावरण मित्र नीरज चौरसिया का कहना था कि कोई कर राहत नहीं मिलने से काफी निराशा हुई है। आयकर सलाहकार विमलप्रकाश तारण ने कहाकि यह किसान हितैषी बजट है। वेतनभोगियों को राहत से फायदा होगा। वहीं राजेश “प्रीत” जिला संयोजक भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने बताया कि हेल्थ इंश्योरेंस एक अच्छा प्रयोग है। छोटा खुदरा व्यापारी बेहद परेशान है।

केंद्रीय बजट पर आम लोगों की रही मिलीजुली प्रतिक्रिया, मध्यम वर्ग और व्यापारियों को हुई निराशा

उद्योगपतियों पर दिया पूरा ध्यान

आयकर छूट सीमा में बढ़ोतरी नहीं करके वित्तमंत्री ने आयकर दाताओं को निराश किया है। आयकर पर सेस 3 से बढ़ाकर 4 प्रतिशत करके कर दायित्व और बढ़ा दिया गया है। मध्यम दर्जे के लिए कोई राहत नहीं है। पूरा ध्यान किसानों और उद्योगपतियों पर दिया गया है। हेल्थ प्रोटक्शन स्कीम से राहत मिलेगी। नौकरीपेश करदाता को स्टैंडर्ड डिडक्शन की छूट 34400 से बढ़ाकर 40000 तक करके कुछ राहत जरूर दी गई है। घनश्याम बंसल, महामंत्री व्यापार महासंघ

करदाता के साथ बरती गई सख्ती

बजट में कर दायित्व पालन के लिए शासन सख्त हुआ है। पूर्व में 31 मार्च तक जो टैक्स चुकाने होते थे, वे अब 31 जुलाई तक ही चुकाने पड़ेंगे। इसमें तमाम रियायतें खत्म कर दी गई हैं। उपकर की दर 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 3 से 4 फीसदी कर दी गई है। स्टैंडर्ड डिडेक्शन में छूट की सीमा बढ़ने से वेतनभोगियों को जरूर फायदा मिलेगा। दीर्घकालीन पूंजी अभिलाभ पर कर की दर 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने से रीयल एस्टेट का कारोबार बढ़ेगा। अंशुज शर्मा, एडवोकेट विदिशा

मेडीक्लेम छूट से मिलेगी राहत

वरिष्ठ नागरिकों को मेडीक्लेम में छूट और स्वत्वों में छूट देकर खर्चों पर छूट का दायरा बढ़ा दिया गया है। उपकर में बढ़ोतरी करदाता पर आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा।विनियोग पर छूट की राशि बढ़ाने की आवश्यकता थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। इनकम टैक्स बढ़ाने की उम्मीद थी लेकिन कोई बदलाव नहीं होने से निराशा हुई है। कुल मिलाकर बजट लाभकारी नहीं रहा। लोगों को जैसी आशा थी वैसी नहीं रही। आशीष जोशी, चार्टेड एकाउंटेंट विदिशा

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