भोपाल

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प्रदेश में हर कन्ज़यूमर पर 2020 का बिजली बिल बकाया, बिजली कंपनियों पर बढ़ रहा कर्ज

बिजली कंपनियां तमाम दबाव बनाने के बावजूद बकायादार उपभोक्ताओं से वसूली में बहुत पीछे हैं।

Dainik Bhaskar

Jan 02, 2018, 05:26 AM IST
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भोपाल. प्रदेश में बिजली के बकाया बिलों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। बिजली कंपनियां तमाम दबाव बनाने के बावजूद बकायादार उपभोक्ताओं से वसूली में बहुत पीछे हैं। भोपाल ग्रामीण में बिजली बिलों का 143.78 करोड़ रुपए तो भोपाल सिटी में 86.12 करोड़ रुपए बकाया है। भोपाल में 4,26,033 उपभोक्ता हैं. यानी इस संख्या के हिसाब से औसतन एक उपभोक्ता पर 2020 रुपए का बिजली बिल बकाया है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में यह 7352 रुपए है। दूसरी ओर केंद्र सरकार की सौभाग्य योजना के तहत प्रदेश में 45 लाख नए बिजली कनेक्शन देने की तैयारी है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब पुराने उपभोक्ताओं से ही बकाया कि वसूली नहीं हो पा रही है तो फिर बिजली कंपनियां इस चुनौती से कैसे पार पाएगी।

तीन कारण... इन वजहों से बिजली कंपनी पर बढ़ रहा है बिलों का बोझ

- 30% से ज्यादा उपभोक्ता डिफॉल्टर-भोपाल में 30% उपभोक्ता परंपरागत हैं, जो बिल नहीं भरते। एेसे बकायादार स्लम एरिया में ज्यादा हैं। जो 5 से 6 हजार रुपए तक वेतन-मजदूरी वाले लोग होते हैं, लेकिन इनके घरों में टीवी-फ्रिज जैसी सुविधाएं मौजूद रहती हैं। अब एक हजार या थोड़ा भी ज्यादा बिल आता है तो ये बिल ही नहीं भरते और अगले 3-4 माह में बकाया राशि बहुत बड़ी हो जाती है।

- बिजली चोरी से भी बढ़ जाता है बोझ शहर में बिजली चोरी की समस्या भी बड़ी है। शहर में करीब दस फीसदी बिजली चोर हैं, जो सीधे हेकड़ी डालकर बिजली चोरी कर रहे हैं। इस तरह के घरों पर जब बिजली कंपनी दबिश देकर कार्रवाई करती है तो बिजली चोरी के प्रकरण में एक साल का बिल सीधे वसूलती है। यह बिल रोजाना 10 यूनिट के हिसाब से बनाया तो बकाया हजारों में निकलता है।

- राजनीतिक दखलअंदाजी से दिक्कतें-बकाया बिल की वसूली में एक बड़ी दिक्कत राजनीतिक दखलअंदाजी है। बिजली कंपनी के कर्मचारी जब भी स्लम एरिया में बिजली चोरी करने वालों पर कार्रवाई या बकायादारों पर शिकंजा कसने जाते हैं तो कनेक्शन वापस जोड़ने के लिए स्थानीय नेताओं के फोन घनघनाने लगते हैं। इससे बकायादारों को कोई डर नहीं रहता।

भोपाल-ग्वालियर में 5 हजार करोड़ बकाया

- मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का भोपाल-ग्वालियर रीजन में कुल 4886 करोड़ रुपए का बकाया है। ग्वालियर रीजन में 3429.97 करोड़ रुपए यानी कुल 14,28,811 उपभोक्ताओं के हिसाब से 24,005 रुपए औसत प्रति उपभोक्ता बकाया है।

ईमानदार उपभोक्ता उठाते हैं भार
- बिजली कंपनियां लाइन लॉस को कंट्रोल करने के चक्कर में ही लगी रहती हैं, जबकि बकायादारों से वसूली में वे बेहद पीछे हैं। यह आंकड़ा कागजों में 5 हजार करोड़ रुपए हो जाता है। नियामक आयोग को 5 हजार करोड़ बकाया बताते हैं। अब नए 45 हजार कनेक्शन देने की तैयारी है। बकाया वसूली का बोझ लगातार बढ़ने पर भविष्य में भी नियमित बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर ही राशि का भार पड़ेगा।
- दलवीर सिंह चौहान, बिजली विशेषज्ञ और हाईकोर्ट एडवोकेट

कंपनी बकाया बिलों की वसूली को लेकर लगातार अभियान चला रही है। वसूली बढ़ी है। जो पुराना बकाया है, उसे लेकर मैदानी दिक्कतें हैं।
- डॉ. संजय गोयल, एमडी, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी

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