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व्यापमं महाघोटाला: लक्ष्मीकांत शर्मा समेत 88 आरोपी, इनमें 36 नए नाम

संविदा शिक्षक भर्ती परीक्षा वर्ग दो मामले में सीबीआई ने 88 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया है।

Danik Bhaskar | Feb 09, 2018, 06:10 AM IST

भोपाल. व्यापमं महाघोटाले की संविदा शिक्षक भर्ती परीक्षा वर्ग दो मामले में सीबीआई ने 88 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया है। इस मामले में पहले एसटीएफ ने 52 लोगों के खिलाफ चालान पेश किया था। सीबीआई ने गुरुवार को पेश चालान में 36 नए आरोपियों को जोड़कर कुल 88 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया। एक आरोपी की मौत हो चुकी है। गुरुवार को न्यायाधीश एससी उपाध्याय की अदालत में हाजिर होने के लिए कुल 36 आरोपियों को नोटिस सीबीआई ने जारी किए थे।

- इनमें से 16 आरोपियों ने अदालत में हाजिर होकर अपनी जमानत करा ली। चालान में पूर्व उच्च शिक्षामंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा, उनके ओएसडी रहे ओपी शुक्ला, कारोबारी सुधीर शर्मा, व्यापमं के पूर्व परीक्षा नियंत्रक पंकज त्रिवेदी, प्रिंसिपल सिस्टम एनालिस्ट नितिन महिंद्रा, सीनियर सिस्टम एनालिस्ट अजय सेन, असिस्टेंट प्रोग्रामर चंद्रकांत मिश्रा, सविता साहू समेत 88 आरोपियों की सूची पेश की गई है। गुरुवार को लक्ष्मीकांत शर्मा, पंकज त्रिवेदी, चंद्रकांत मिश्रा, अजय कुमार सेन अदालत में उपस्थित थे।

संविदा शिक्षक-2 गड़बड़ी में 153 पेज का चालान पेश

- व्यापमं महाघोटाले की संविदा शिक्षक भर्ती परीक्षा वर्ग दो मामले में सीबीआई ने गुरुवार को कोर्ट में 153 पेज का चालान पेश किया।

- लक्ष्मीकांत शर्मा का नाम संविदा शिक्षा वर्ग दो की परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले में आने पर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने उनके खिलाफ दो मामले दर्ज किए थे।

- इसमें एसटीएफ ने व्यापमं के पूर्व परीक्षा नियंत्रक पंकज त्रिवेदी, प्रिंसिपल सिस्टम एनालिस्ट नितिन महिंद्रा, सीनियर सिस्टम एनालिस्ट अजय सेन, असिस्टेंट प्रोग्रामर चंद्रकांत मिश्रा, राजभवन के ओएसडी धनराज यादव और लक्ष्मीकांत शर्मा के ओएसडी ओपी शुक्ला समेत 52 परीक्षार्थियों को आरोपी बनाया गया था। शुरुआत में एसटीएफ द्वारा 7 दिसंबर 2013 को दर्ज पहली एफआईआर में 43 और 9 दिसंबर 2013 को दर्ज एफआईआर में 87 लोगों को आरोपी बनाया था। दोनों ही एफआईआर में लक्ष्मीकांत शर्मा को धोखाधड़ी और षड्यंत्र में शामिल होने का आरोपी बनाया गया था।

पूर्व सीएम सिंह ने लगाए थे आरोप

- दिग्विजय सिंह ने व्यापमं की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी के मामलों की निगरानी के लिए गठित एसआईटी के दफ्तर पहुंचकर दस्तावेज देते हुए आरोप लगाया गया था कि एसटीएफ ने सीएम को बचाने के लिए ऑरिजनल एक्सल शीट से छेड़छाड़ कर ‘सीएम’ शब्द की जगह उमा भारती, मंत्री व राजभवन जैसे नाम जोड़ दिए थे।

- इन दस्तावेजों की जांच कर रही एसआईटी को हाईकोर्ट ने निर्देश देते हुए कहा था कि वे केवल इन मामलों की मॉनीटरिंग करें। इसके बाद एसआईटी ने कांग्रेस द्वारा दिए गए दस्तावेजों को एसटीएफ को सौंपने की तैयारी की थी।

लीलाधर के चयन में उमा भारती की सिफारिश के सबूत नहीं
पेज 119 पर चालान में एक उम्मीदवार लीलाधर पचौरी का जिक्र है। पेशे से पुजारी लीलाधर का चयन आेपी शुक्ला के जरिए हो गया था, लेकिन बीएड नहीं होने से नौकरी नहीं मिली। जांच से पता चला कि नितिन महेंद्रा से जब्त एक्सल शीट में लीलाधर के आगे उमा भारती लिखा था। उमा भारती के संपर्क में आए लीलाधर ने उनसे रहने के लिए जगह मांगी थी। उन्होंने बंगले के सर्वेंट क्वार्टर में जगह दे दी थी, पर सीबीआई की जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला, जिससे जाहिर हो कि लीलाधर के चयन की सिफारिश उमा भारती ने की।

घोटाले के अहम किरदारों में किसकी क्या भूमिका

लक्ष्मीकांत शर्मा, पूर्व उच्च शिक्षामंत्री : नितिन महिंद्रा की एक्सल शीट में मिनिस्टर के नाम से 5 परीक्षार्थियों का चयन की बात सामने आई। नियम ताक पर रखते हुए व्यापमं में अधिकारियों की नियुक्ति कर मनमाने काम कराए।
ओपी शुक्ला, ओएसडी : उज्जैन में एडिशनल कलेक्टर रहे। बाद में लक्ष्मीकांत शर्मा के ओएसडी बने। 18 जून को गिरफ्तारी हुई। व्यापमं परीक्षा के सभी मामलों में आरोपी।
सुधीर शर्मा, माइनिंग कारोबारी : कई प्रभावशाली लोगों के संपर्क में रहकर व्यापमं के पंकज त्रिवेदी के साथ कई परीक्षार्थियों को चयन के लिए आश्वस्त किया। सीबीआई ने मिडिलमैन बताया।
पंकज त्रिवेदी, पूर्व परीक्षा नियंत्रक :
मंत्री लक्ष्मीकांत के खास होने से व्यापमं में कंट्रोलर और डायरेक्टर की जिम्मेदारी लेते हुए व्यापमं अधिकारियों की मिलीभगत से परीक्षाओं में जमकर घोटाला किया।
नितिन महिंद्रा, प्रिंसिपल सिस्टम एनालिस्ट: अहम किरदार। व्यापमं अधिकारियों के साथ मिलकर परीक्षा देने वाले 73 छात्र छात्राओं के नंबर बढ़ाकर चयन कराया।