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नौकरी के साथ वेटलिफ्टिंग स्टेट चैंपियन, नेशनल लेवल पर 3 बार जीत चुके मेडल

मैडल जीतने का मनोज सरवैया को ऐसा जुनून सवार है कि पहली ही कोशिश में 7वें पोजिशन पर रहने के बाद में भी रुके नहीं।

Danik Bhaskar | Feb 09, 2018, 12:57 AM IST

अशोकनगर (भोपाल). ऑल इंडिया लेवल पर वेटलिफ्टिंग में मैडल जीतने का मनोज सरवैया को ऐसा जुनून सवार है कि पहली ही कोशिश में 7वें पोजिशन पर रहने के बाद में भी रुके नहीं। अब तक वे तीन ब्रॉंज मेडल जीत चुके हैं। साथ ही 14 साल से स्टेट लेवल चैंपियन बन रहे हैं। 14 बार से लगातार स्टेट चैंपियन...


- दरअसल मुंगावली सब रेंज मौला में पोस्टेड उपवन क्षेत्रपाल मनोज कुमार सरवैया की 1994 में वन रक्षक गुना में नौकरी लगी थी।

- इसके बाद 2005 में अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता रायपुर में हुई थी, जिसमें उनका 7वां नंबर लगा था लेकिन इससे वे संतुष्ट नहीं थे और ऑल इंडिया स्तर पर मैडल जीतना चाहते थे।

- अपनी मेहनत को उन्होंने रोका नहीं आखिर 2008 में उन्हें ऑल इंडिया स्तर पर ब्रॉन्ज मेडल मिला। श्रीसरवैया बताते हैं कि उनके दादा चम्पलाल सरवैया सुबह 50 दंड लगवाते थे।

- बाद में राजेन्द्र आर्य ने जो उनके गुरु रहे उन्होंने वेटलिफ्टिंग सिखाई। नौकरी में रहते हुए वे डिपार्टमेंट कॉम्पीटिशन में स्टेट लेवल में फर्स्ट पोजिशन पर 14 बार आ चुके हैं।

- 23वीं स्टेट लेवल कॉम्पीटिशन में उन्होंने 62 केजी भार वर्ग वेटलिफ्टिंग में 115 किलो वजन उठाकर ओपन व वेटरन में पहला स्थान प्राप्त कर दो स्वर्ण जीते।

- जबकि अखिल भारतीय स्तर पर तीन कांस्य जीत चुके हैं। इसके अलावा पावर लिफ्टिंग में 270 किलो वजन उठाकर दूसरे स्थान पर रहे।

वन रक्षक को किया ट्रेंड, पहली बार जीता
- उपवन क्षेत्रपाल श्री सरवैया वन विभाग के अन्य कर्मियों के लिए मार्गदर्शक बन रहे हैं। उन्होंने सब रेंज मौला की वीट दमदमा में पदस्थ वन रक्षक मुकेश पटेलिया को ट्रेंड किया।

- इसी के चलते मुकेश ने 59 किग्रा वर्ग में भाग लेकर 185 केजी वजन उठाकर पहला स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक जीता।