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​2018-19 का बजट प्रेजेंटेशन, हर विधानसभा में दो सड़क बनाएंगे

वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव ने कैबिनेट के सामने 2018-19 के प्रस्तावित बजट का प्रेजेंटेशन दिया।

Dainik Bhaskar

Feb 09, 2018, 07:15 AM IST
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भोपाल. वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव ने कैबिनेट के सामने 2018-19 के प्रस्तावित बजट का प्रेजेंटेशन दिया। फिलहाल यह करीब दो लाख करोड़ रुपए का है। प्रेजेंटेशन के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत सभी मंत्रियों ने वित्त से कहा कि हर विधानसभा में दो सड़क तो बनानी ही है। इसके अलावा सभी फ्लैगशिप स्कीमों में ठीक से बजट रखा जाए। संभावित बजट के प्रारूप पर चर्चा के बाद कैबिनेट ने ई-ऑफिस की भी जानकारी ली।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि वल्लभ भवन (मंत्रालय) को ऑनलाइन करना ठीक है। इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि सतपुड़ा और विंध्याचल भवन भी ई-ऑफिस के दायरे में रहें। एचओडी से ही लोग ज्यादा जुड़े रहते हैं। बहरहाल अप्रैल तक फाइलों का भौतिक प्रचलन बंद होगा। प्रमुख फाइलों की ई-ट्रैकिंग होगी। डिजिटल साइन होंगे। ई-मेल का उपयोग होगा। जल्द ही कैबिनेट मंत्रियों को भी ट्रेनिंग दी जाएगी। यह भी प्रयास है कि एक-दो माह के भीतर ई-कैबिनेट की जाए। कैबिनेट के बाद नए मंत्रियों नारायण सिंह कुशवाह, बालकृष्ण पाटीदार और जालम सिंह पटेल से सीएम ने चैंबर में मुलाकात की। साथ ही पूछा कि मंत्रालय में कक्ष मिल गए या नहीं। इस सभी ने कहा कि मिल गए।

महत्वपूर्ण फैसले

- महिला स्व-सहायता समूहों को 10 लाख रुपए तक के कर्ज पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट।

- भोपाल के कानासैया (तहसील हुजूर) में 16 हेक्टेयर शासकीय भूमि मंत्रालयीन अधिकारी-कर्मचारियों को दी गई है। मप्र राज्य कर्मचारी आवास निगम के माध्यम से आवासीय प्रोजेक्ट की स्थापना होगी।
- मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर अपील बोर्ड के 18 पदों को 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2020 तक के लिए निरंतर रखा जाएगा।
- ‘आत्मा’ योजना के लिए 268 करोड़ दिए जाएंगे।
- खाद भंडारण पर ब्याज अनुदान योजना के लिए 90 करोड़ की मंजूरी। तीन-चार माह पहले खाद ले ली जाएगी ताकि किसानों को दिक्कत न हो।
- मुफ्त साइकिल योजना के लिए 845 करोड़ का प्रावधान।

प्याज छंटाई और भंडारण पर खर्च 24 करोड़ के भुगतान का मामला टला
- वर्ष 2016 में 6 रुपए प्रति किलो के भाव से खरीदी गई प्याज के भंडारण और खराब हो रही प्याज की छंटाई पर खर्च किए गए 24 करोड़ रुपए के भुगतान को कैबिनेट ने टाल दिया है। जब यह मामला चर्चा में आया तो सभी ने इसे यह कहते हुए टाल दिया कि इस पर बाद में निर्णय लेंगे।

- गौरतलब है कि वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन ने सूखने और खराब होने की कगार पर पड़ी करीब 73 फीसदी प्याज को छंटवाने में 10 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। साथ ही गोदामों में इसके भंडारण पर 14 करोड़ रुपए व्यय किए।

- यह राशि शासन से क्षतिपूर्ति के रूप में मांगी गई थी। इसे कैबिनेट ने टाल दिया। हालांकि 4 से 30 जून 2016 तक कुल 10,40,261.87 क्विंटल प्याज की खरीदी की गई। इससे 81 करोड़ 52 लाख रुपए का शासन को नुकसान हुआ। इसे कैबिनेट ने मान लिया है।

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