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दिनभर चली बैठक, लेकिन किसी भी अफसर की तय नहीं हो सकी जिम्मेदारी

समेकित बाल संरक्षण योजना की समीक्षा के लिए सोमवार को अरेरा हिल्स स्थित वात्सल्य भवन में बैठक आयोजित की गई।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 14, 2017, 06:05 AM IST

  • दिनभर चली बैठक, लेकिन किसी भी अफसर की तय नहीं हो सकी जिम्मेदारी
    भोपाल.समेकित बाल संरक्षण योजना की समीक्षा के लिए सोमवार को अरेरा हिल्स स्थित वात्सल्य भवन में बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेशभर से शिशु गृह -बाल गृहों के संचालक और विभाग के कई अधिकारी शामिल हुए। महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस भी मौजूद रहीं। इस दौरान योजना से जुड़े नियमों, कानून, उसके संचालन और अमल पर तो बात की गई, लेकिन राजधानी में पिछले दिनों भोपाल रेलवे स्टेशन के पास नाबालिग गर्भवती लड़की के साथ हुई ज्यादती की घटना पर कोई कुछ नहीं बोला।
    - लाड़ली लक्ष्मी योजना में घाेटाले की शिकायतों के बाद सस्पेंड असिस्टेंट डायरेक्टर रामगोपाल यादव एक महीने पहले बहाल हो गए। इस बैठक से वे नदारद थे।
    - इस मामले में किसी अफसर की जिम्मेदारी भी तय नहीं की गई। इस घटना के बाद आईसीपीएस की यह पहली समीक्षा बैठक थी।बैठक तीन सत्रों में हुई।
    - विभाग की मंत्री बैठक में पहुंची। अधिकारियों ने उनका पुष्प गुच्छों से स्वागत किया। बिना देर किए उन्होंने माइक संभाल लिया।
    +- सबसे पहले उन्होंने विभागीय अधिकारियों से पूछा कि कितने जिलों से लोगों को बुलाया है। जवाब मिला, 40 जिलों से।
    - मंत्री ने नाराज होते हुए कहा सभी जिलों के लोगों को क्यों नहीं बुलाया। क्या दस जिलों के लोगों के लिए अलग से ओरिएंटेशन किया जाएगा।
    - अधिकारियों ने जवाब दिया कि जगह की कमी थी।
    कुर्सियां भी कम पड़ गईं :
    - खचाखच भरे वात्सल्य भवन के हॉल में जगह भी कम पड़ गई थी। प्रदेश के कई जिलों से आए संचालकों को खड़े रहना पड़ा।
    तीन सत्रों में हुई बैठक
    - बैठक के पहले सत्र में सूचना के अधिकार कानून पर बातचीत की गई। दूसरे सत्र में वन स्टाप क्राइसिस अौर तीसरे सत्र में योजना से जुड़े पहलुओं पर बातचीत की गई। कई संचालकों ने सबसे अंत में विभागीय अधिकारियों ने बच्ची से सामूहिक ज्यादती की घटना पर कुछ देर बातचीत की।
    टीवी और रेडियो पर भी देना होगा विज्ञापन
    - इंदौर से आईं एक संचालक ने बताया कि लीगल फ्री करने के संबंध में नियमों में पिछले दिनों एक संशोधन हुआ है। एक लोकल और राष्ट्रीय स्तर के अखबार के अलावा टेलीविजन ओर रेडियो पर भी विज्ञप्ति देना होगा।
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