Hindi News »Madhya Pradesh »Bhopal »News» Aam Aadmi Party Declaration- Candidate Will Cast All Seats

आम आदमी पार्टी की घोषणा-मप्र विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर उतारेगी उम्मीदवार

विकास के लिए पैसे की कमी नहीं होती नीयत साफ होनी चाहिए।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 06, 2017, 06:06 AM IST

  • आम आदमी पार्टी की घोषणा-मप्र विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर उतारेगी उम्मीदवार
    भोपाल.आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मप्र आज दुनिया में कुख्यात है तो भ्रष्टाचार के लिए। इससे प्रदेश में छात्र, किसान और व्यापारी कोई भी खुश नहीं है। दिल्ली में 425 करोड़ का पुल बनना था, 300 करोड़ में किया। मप्र में यह 2000 करोड़ में बनता। सारी राशि भ्रष्टाचार में चली जाती। दरअसल विकास के लिए पैसे की कमी नहीं होती नीयत साफ होनी चाहिए।
    - केजरीवाल रविवार को भेल दशहरा मैदान में आप की सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने रैली से शिवराज सरकार के खिलाफ बदलाव का शंखनाद करते हुए प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर लड़ने की घोषणा की। सभा को प्रदेश प्रभारी गोपाल राय व प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने भी संबोधित किया।
    - केजरीवाल ने कहा कि देश में मप्र की चर्चा व्यापमं घोटाले के लिए होती है। यह घोटाला कर सीएम चौहान ने प्रदेश के 8 करोड़ लोगों का अपमान किया है। इसमें 40 बच्चों की जान गई और अब लीपापोती के लिए सीबीअाई को लगा दिया है। यह घोटाला किया यहां के नेताओं, मंत्रियों व अफसरों ने।
    ढाई साल में बदल गए दिल्ली के हालात, मध्यप्रदेश के 15 साल में क्यों नहीं
    - केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली की बात करें तो सेंट्रल विजिलेंस कमीशन (सीवीसी) के सर्वे में सामने आया है कि केंद्र सरकार में 67 प्रतिशत करप्शन बढ़ गया जबकि आम आदमी पार्टी की सरकार में 81 प्रतिशत करप्शन घटा।
    - मध्यप्रदेश में बीते पंद्रह सालों में शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश को चूसने के अलावा कुछ भी नहीं किया। दिल्ली में ढाई साल में जितना विकास हुआ उतना पिछले 70 साल में नहीं हुआ। मध्यप्रदेश में तो बीते 15 सालों से भाजपा की सरकार है। इतने समय में ठीक से सरकार चलाई जाती तो प्रदेश का नए सिरे से विकास हो जाता।
    दिल्ली में बिजली मध्यप्रदेश से सस्ती
    - केजरीवाल ने कहा कि मप्र बिजली का उत्पादन करता है फिर भी यहां बिजली महंगी है। हम मप्र से भी बिजली खरीदते हैं। दिल्ली में बिजली सस्ती है। दिल्ली में 200 यूनिट बिजली का बिल आता है 462 और मप्र में 1300 रुपए। दिल्ली में भी यही स्थिति थी।
    - वहां की बिजली भी बिजली कंपनियों के जेब में थी। मैं जब मुख्यमंत्री बना तो सीएस ने भी यही तर्क दिए कि बिजली सस्ती नहीं की जा सकती, मैंने एक नहीं चलने दी और नतीजा सामने है।
    ‘मप्र में हमारी सरकार संविदा कर्मचारियों को कर देगी रेगुलर’
    - मप्र के संविदा कर्मचारियों के समर्थन में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी मोर्चा संभाल लिया। वे रविवार को सेकंड स्टॉप स्थित आंबेडकर मैदान में प्रदेशभर से आए संविदा कर्मचारियों के धरने में अचानक पहुंच गए। मप्र सरकार पर बिफरते हुए केजरीवाल ने कहा कि शिवराज जी एक साल और पूरा कर लो फिर मप्र में हमारी सरकार बनेगी तो हम संविदा कर्मचारियों को रेगुलर कर देंगे।
    - हमारी सरकार ने दिल्ली के सैकड़ों ऐसे कर्मचारियों को रेगुलर कर दिया है। कई कैडर के कच्चे कर्मचारियों की सैलरी दोगुनी कर दी। मप्र सरकार संविदा कर्मचारियों का शोषण कर रही है। 1970 के एक्ट का हवाला देते हुए दिल्ली के सीएम ने कहा इन्हें रेगुलर नहीं करना सिर्फ कानून ही नहीं बल्कि इंसानियत के खिलाफ भी है।
    - सभा को आप के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल, महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष रमेश राठौर ने भी संबोधित किया। अग्रवाल ने कहा कि मप्र का बजट 1 लाख 60 हजार करोड़ रुपए है। इसमें से 1 लाख करोड़ रुपए का भ्रष्टचार हो रहा है।
    मैं चपरासी का भी ट्रांसफर नहीं कर सकता, फिर भी काम कर रहा हूं
    - केजरीवाल ने गांधी भवन में ‘हम सब’ संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्ध बुद्धिजीवी वर्ग के नागरिकों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री होकर अपने चपरासी तक का ट्रांसफर नहीं कर सकता। एलजी से परमिशन लेना होता है, फिर भी दिल्ली में बीते ढाई साल में विकास के काम तो हो रहे हैं।
    - केजरीवाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली से जुड़े प्रश्नों के बेबाक उत्तर दिए। एक सवाल के जवाब में केजरीवाल ने कहा कि बिजली कंपनियों के साथ जो एग्रीमेंट किए गए हैं। उनसे बंधे हुए हैं। जितना संभव है सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाए।
    - बिजली को सार्वजनिक क्षेत्र में ही रखा जाए। हम अपने अधिकारों की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में लड़ रहे हैं। दिल्ली सरकार के हाथ में कानून व्यवस्था, बजट स्वीकृति जैसे अधिकार तक नहीं है। इसके बाद भी दिल्ली का विकास तो रहा है।
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×