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भावांतर योजना: किसान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एक घंटे किया हंगामा

सोमवार को किसान कांग्रेस के नेताओं ने मंडी गेट के बाहर एक घंटे तक जमकर हंगामा किया।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 07, 2017, 05:16 AM IST

  • भावांतर योजना:  किसान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एक घंटे किया हंगामा
    भोपाल.खरीफ फसल में भावांतर योजना से किसानों को होने वाले नुकसान को लेकर सोमवार को किसान कांग्रेस के नेताओं ने मंडी गेट के बाहर एक घंटे तक जमकर हंगामा किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने गेट तोड़ने की कोशिश की, सफल नहीं होने पर कार्यकर्ता दूसरे गेट से अंदर घुस गए। हालांकि थोड़ी देर नारेबाजी कर वापस लौट गए। प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं के साथ किसान नजर नहीं आए, जिससे मंच से ही दूसरे नेताओं ने इस पर नाराजगी जाहिर की।

    - भावांतर योजना को लेकर करोंद मंडी में सोमवार को किसान कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया। हंगामे में पहले तो सुबह 11.30 बजे करोंद स्थित शिव मंदिर के पास करीब 50 से अधिक कार्यकर्ता एकत्रित हुए। इसके बाद मंडी के लिए यहां से पैदल मार्च निकाला गया।
    - करीब 12 बजे गेट बंद होने के कारण गेट पर नारेबाजी कर उसे तोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन थोड़ी देर बाद नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। इस बीच कुछ कार्यकर्ता सब्जी मंडी वाले गेट से अंदर घुसकर हंगामा करने लगे। पहली बार कांग्रेसियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे की मदद ली गई। एक व्यक्ति की ड्यूटी सीसीटीवी कैमरे के कंट्रोल रूम में लगाई गई।
    - कांग्रेस के जिला ग्रामीण अध्यक्ष अवनीश भार्गव ने बताया कि भावांतर योजना व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई है। 15 दिनों में ग्रामीण इलाकों के कई किसानों के खाते में कोई भुगतान ही नहीं किया गया है। किसान कांग्रेस के साजिद हुसैन अंसारी का कहना है कि सरकार को किसानों का भला करने के लिए खुद समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी करनी चाहिए।
    अनुमति नहीं देने के बावजूद किया प्रदर्शन
    - करोंद गल्ला मंडी के गेट के सामने प्रदर्शन करने के बाद कुछ कार्यकर्ताओं के सब्जी मंडी गेट पर आने के बाद मंडी सचिव विनय पटेरिया और गोविंदपुरा नायब तहसीलदार सुधाकर तिवारी सब्जी मंडी गेट की तरफ दौड़े। हालांकि कार्यकर्ता गेट के पास नारेबाजी कर लौट गए। एडीएम जीपी माली का कहना है कि किसान कांग्रेस को धरने की अनुमति नहीं दी गई थी।
    - बावजूद इसके धरना प्रदर्शन किया गया है। इस संबंध में एसडीएम से रिपोर्ट मांगी गई है। इधर, एसडीएम मुकुल गुप्ता का कहना है कि कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर तीन थानों का पुलिस बल तैनात किया गया था। विवाद जैसी कोई बात नहीं है। शांतिपूर्ण धरना था।
    जबलपुर मंडी में 3600 रु. पहुंचा दाल का भाव
    - भावांतर योजना के तहत जबलपुर की मंडियों में उड़द के भाव 3600 रुपए प्रति क्विंटल पहुंच गए हैं। यही वजह है कि सतना, पन्ना, सागर और दमोह के किसान जबलपुर लाकर फसल बेच रहे हैं। क्योंकि इन जिलों की मंडियों में व्यापारी उड़द का भाव 2600 रुपए से ज्यादा नहीं दे रहे हैं।
    - इन जिलों के करीब 36 किसानों ने जबलपुर में दाल बेचने की शिकायत कलेक्टर महेश चंद्र चौधरी से की गई। कलेक्टर ने भी अपर कलेक्टर संजना जैन को जांच करने के निर्देश दे दिए। लेकिन बाद में पता चला कि भावांतर योजना में रजिस्टर्ड किसान राज्य की किसी भी मंडी में फसल बेच सकता है।
    कमलनाथ ने सीएम को पत्र लिखकर पूछे 5 सवाल
    - पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस सांसद कमलनाथ ने भावांतर योजना को लेकर राज्य सरकार से पांच सवाल पूछे हैं। इसे लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र भी लिखा है।
    - अधिकारियों के मुताबिक योजना केवल चुनावी वर्ष के लिए है। बताएं कि यह स्थाई है या फिर अस्थाई? {योजना बनाते समय क्या किसान संगठनों से चर्चा की गई थी? या अफसरों ने बंद कमरे में योजना बनाकर किसानों पर थोपी गई है?
    - इस योजना में शामिल हुए किसानों की संख्या का जिलेवार आंकड़ा सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहे? {योजना के प्रचार-प्रसार पर सरकार ने कितना धन खर्च किया है?
    - जीएसटी की तर्ज पर इस योजना में कितने बदलाव किए गए हैं?
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