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EXCLUSIVE: 'पद्मावती' पर सांसद ने कहा- दुबई से हुई है टेरर फंडिंग

उनका कहना है कि हिंदुओं को बदनाम करने के लिए दुबई से पैसे भेजे जा रहे हैं।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Nov 11, 2017, 12:42 AM IST

भोपाल. पद्मावती फिल्म को लेकर 'जिनकी स्त्रियां रोज शौहर बदलती हैं वे जौहर क्या जानें' जैसी फेसबुक पोस्ट लिखने वाले बीजेपी सांसद चिंतामणि मालवीय एक ने एक और बयान दिया है। DainikBhaskar.com को दिए इंटरव्यू में मध्य प्रदेश के उज्जैन से बीजेपी सांसद चिंतामणि मालवीय ने सुब्रमण्यम स्वामी के उस बयान पर सहमति जताई है जिसमें स्वामी ने 'पद्मावती' का दुबई कनेक्शन जोड़ा है।
- दरअसल, बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने पद्मावती फिल्म को अंतरराष्ट्रीय साजिश बताया है। उनका कहना है कि हिंदुओं को बदनाम करने के लिए दुबई से पैसे भेजे जा रहे हैं। स्वामी ने फिल्म की फंडिंग की जांच की मांग भी की है।
- इस बारे में सांसद मालवीय का कहना है कि, ''फिल्मी दुनिया में इस तरह रहस्य के कई पर्दे हैं। ये 100 करोड़ की फिल्में स्वभाविक रूप से बैंक से लोन लेकर तो तैयार नहीं की जातीं। इसमें काला पैसा भी लगता है और टेरर फंडिंग भी होती है। इसमें संगठित अपराधों का भी पैसा लगता है, इसलिए सुब्रमण्यम स्वामी कहते हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं है। वे ऑथेंटिक रूप से कहते हैं। हो सकता है कि 'पद्मावती' फिल्म में भी दुबई और अन्य स्थानों से टेरर फंडिंग हुई हो।
- सांसद ने आगे कहा कि हमारा स्पष्ट मत है कि ऐसी मान्यताओं पर फिल्में नहीं बनाना चाहिए। अगर बनती हैं तो उन फिल्मों को देखने नहीं जाना चाहिए। जो लोग सक्रिय विरोध करते हैं उनको वो भी करना चाहिए। यह पूछे जाने पर कि आपने जूतों की भाषा समझाने की बात कही, ऐसे शब्द उचित है? इसके जवाब में मालवीय ने कहा कि हमने लोगों के लिए और पूरी जिम्मेदारी से कहा है, इसमें क्या गलत है।
- मालवीय से पूछा गया कि आपने फिल्म नहीं देखी तो कैसे पता चला यह गलत इतिहास पर बनाई? जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि ट्रेलर देखा है और कहानी पता है, भंसाली ने मलिक मोहम्मद जायसी की काल्पनिक कहानी पर फिल्म बनाई है।
सेंसर बोर्ड को लिया आड़े हाथों
- चिंतामणि मालवीय ने सेंसर बोर्ड को भी कागजी औपचारिकताएं पूरी न करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बोर्ड को जन भावनाओं का भी ख्याल रखना चाहिए। बोर्ड का काम कागजों पर काम चलता है जबकि भावनाएं कागजों पर नहीं चलती। फिल्म को इतनी बारीकी से देखा जाए कि उसे जनभावना के खिलाफ कोई बिंदु न हो।
सस्ती लोकप्रियता पर बोले
- फिल्म का विरोध कर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के सवाल पर बीजेपी सांसद ने कहा कि ऐसे संवेदनशील विषय पर लोकप्रियता जैसा काम नहीं हो सकता। यह लोगों के मन का गुस्सा है और वह प्रकट हो रहा है।
स्मृति ईरानी का स्टैंड
- पद्मावती पर स्मृति ईरानी के स्टैंड पर सांसद मालवीय ने कहा, ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्टर अपनी व्यवस्थाओं और अनुशासन से बंधी हुई हैं। वैसे भी ये सरकार का नहीं बल्कि समाज का विषय है। बता दें कि स्मृति ने अहमदाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पद्मावती विवाद पर कहा था कि 'मुझे इस संदर्भ में कुछ भी नहीं बोलना है। जिस स्टोरी और कहानी के बारे में जाना नहीं, देखा नहीं है और पढ़ा नहीं है, उसके बारे में कुछ भी नहीं कहना चाहती हूं।'
BJP सांसद ने लिखा: जिनकी स्त्रियां रोज शौहर बदलती हैं वे जौहर क्या जानें
- बता दें कि उज्जैन से बीजेपी के सांसद प्रो. चिंतामणि मालवीय ने पद्मावती फिल्म के विरोध में एक फेसबुक पोस्ट लिखी थी।
- इसमें उन्होंने लिखा था, "मैं फिल्म पद्मावती का विरोध और बहिष्कार करता हूं। अपने शुभचिंतकों से अनुरोध करता हूं कि वे इस फिल्म को बिल्कुल न देखें। फिल्म बनाकर चंद पैसों के लालच में इतिहास से छेड़छाड़ करना शर्मनाक और घृणित कार्य है। हर भारतीय नारी की आदर्श रानी पद्मावती जी पर भारतीयों को गर्व है। उन्होंने अपने सतीत्व, देश और समाज की आन, बान, शान के लिए हजारों नारियों के साथ स्वयं को आग में झोंक दिया था। उसे तोड़-मरोड़कर दिखाना वास्तव में इस देश का अपमान है। भंसाली जैसे लोगों को कोई और भाषा समझ में नहीं आती। इन लोगों को सिर्फ जूते की भाषा समझ में आती है।"
क्या है पद्मावती फिल्म विवाद?
- राजपूत करणी सेना का कहना था कि इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच इंटीमेट सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है, जिसके चलते काफी समय से इसका विरोध हो रहा है।
- इसकी शुरुआत राजस्थान में शूटिंग के वक्त हुई थी। शूटिंग के वक्त राजपूत करणी सेना ने कई जगह प्रदर्शन किया था और पुतले फूंके थे। यही नहीं, फिल्म के डायरेक्टर संजय लीला भंसाली की पिटाई तक हो गई थी।
- गुजरात बीजेपी ने कहा था कि फिल्म क्षत्रिय समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है। लिहाजा, फिल्म को रिलीज से पहले पार्टी के राजपूत प्रतिनिधियों को दिखाया जाना चाहिए। ऐसा करने से रिलीज के वक्त फिल्म के लिए सहूलियत रहेगी और तनाव के हालात से बचा जा सकेगा।
भंसाली की सफाई
- पद्मावती के निर्माता संजय लीला भंसाली ने फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ के आरोपों को खारिज किया है।
- उन्होंने कहा है, 'मैंने फिल्म 'पद्मावती' बेहद ईमानदारी, मेहनत और जिम्मेदारी से बनाई है। मैं रानी पद्मावती की कहानी से हमेशा से बेहद प्रभावित रहा हूं। यह फिल्म उनकी वीरता और आत्म बलिदान को नमन करती है। कुछ अफवाहों की वजह से यह फिल्म विवादों का मुद्दा बन गई है। अफवाह यह है कि फिल्म में रानी 'पद्मावती' और अलाउदीन खिलजी के बीच कोई ड्रीम सीक्वंस दर्शाया गया है। मैंने इस बात को पहले ही नकारा है और लिखित प्रमाण भी दिया है।'
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