DB Impact: MP की आंगनबाड़ियों में डाइट सप्लाई का घोटाला, पोषण आहार में ठेकेदारी होगी बंद / DB Impact: MP की आंगनबाड़ियों में डाइट सप्लाई का घोटाला, पोषण आहार में ठेकेदारी होगी बंद

मध्य प्रदेश में पोषण आहार सिस्टम (टेक होम राशन) के वितरण की केंद्रीयकृत व्यवस्था 12 साल बाद अब बंद होगी।

Sep 07, 2016, 12:51 AM IST
भोपाल. मध्य प्रदेश में पोषण आहार सिस्टम (टेक होम राशन) के डिस्ट्रिब्यूशन के सेंट्रलाइज्ड सिस्टम को 12 साल बाद बंद किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रियों और सीनियर अफसरों की मीटिंग में साफ कह दिया कि डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम को डिसेंट्रलाइज किया जाए। इसमें ठेकेदारी को बंद करके विधवाओं और महिलाओं के सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को काम सौंपा जाए। महिला और बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने यह बात कही। वहीं, जनप्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद सीएम ने दूसरा बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि अब भोपाल में आबादी के बीच स्लॉटर हाउसेस नहीं बनेंगे। मीटिंग में मुख्यमंत्री ने कहा, सेल्फ हेल्प ग्रुप या स्व सहायता समूह...
- पोषण आहार का मुद्दा विभाग के चीफ सेक्रेटरी जेएन कंसोटिया की ओर से मीटिंग में रखते ही मुख्यमंत्री ने इस मामले में पूछा कि आखिर क्यों डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
- इस पर खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे और स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह ने कहा कि इस समय एमपी एग्रो ही यह काम तीन कंपनियों के जरिए कर रहा है।
- मुख्यमंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ठेकेदारी व्यवस्था को तत्काल बंद करो। यह काम एसएचजी (सेल्फ हेल्प ग्रुप या स्व सहायता समूह) के जरिए कराओ।
- इससे पहले विभागों की समीक्षा की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री ने यह भी साफ कर दिया कि मैं जो भी बात या घोषणा करूं, उसे पत्थर की लकीर समझा जाए। फिर उसे फाइलों में या टेबलों पर घुमाने की प्रथा बंद की जाए।
भास्कर की रिपोर्ट में सच आया था सामने
- 12 अगस्त को इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट पब्लिश कर भास्कर ने न्यूट्रिशियस डाइट के डिस्ट्रिब्यूशन के पूरे सिस्टम को स्कैन किया था, जिसमें पाया था कि पूरा सिस्टम ही इस तरह का है कि कंपनियों को फायदा पहुंचता रहे।
- मध्य प्रदेश में 12 साल में 7800 करोड़ का पोषण आहार बंटा है। फिर भी शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) में मध्य प्रदेश टॉप पर है, जहां 1000 में से 51 बच्चे एक साल की उम्र पूरी नहीं कर पाते।
- मध्य प्रदेश के दूरदराज इलाकों में आंगनबाड़ियों के हालात अब भी बदतर हैं। फैमिली हेल्थ सर्वे की ताजा रिपोर्टें बताती हैं कि प्रदेश अब भी कुपोषण की भयावह चपेट में है।
- दूसरी तरफ, सप्लाई सिस्टम पर काबिज तीन कंपनियां- एमपी एग्रो न्यूट्री फूड प्रालि., एमपी एग्रोटॉनिक्स लिमिटेड और एमपी एग्रो फूड इंडस्ट्रीज फल-फूल रही हैं।
- एमपी स्टेट एग्रो ने इनके साथ 2012 में एक साथ पांच साल का एग्रीमेंट किया। (12 अगस्त का भास्कर Investigation पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
(भास्कर Investigation में किस तरह मंत्री ने मर्जी से बदला था कैबिनेट का फैसला, यहां क्लिक कर पढ़ें)
X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना