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बैकडोर एंट्री के लिए मेरिट के 38 उम्मीदवारों को नौकरी देने से इंकार

सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग में समग्र सामाजिक सुरक्षा विस्तार अधिकारी के पद पर की जा रही भर्ती विवादों में

Bhaskar News | Last Modified - Nov 07, 2017, 04:45 AM IST

  • बैकडोर एंट्री के लिए मेरिट के 38 उम्मीदवारों को नौकरी देने से इंकार
    भोपाल.सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग में समग्र सामाजिक सुरक्षा विस्तार अधिकारी के पद पर की जा रही भर्ती विवादों में घिर गई है। विभाग ने सामाजिक सुरक्षा विस्तार अधिकारी के 384 पदों के लिए प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) के जरिए चयन परीक्षा आयोजित कराई थी। परीक्षा के बाद अलग-अलग वर्गों के लिए मेरिट भी तैयार की गई, लेकिन ट्राबल के 70 पदों के लिए मेरिट में आए 38 उम्मीदवारों को बाहर का रास्ता दिखाकर विशेष पिछड़ी जनजातियों के उम्मीदवारों को सीधी भर्ती के जरिए नियुक्ति देने के लिए कॉल लेटर जारी कर दिए गए।
    - वहीं मेरिट में आने के बावजूद नियुक्ति से वंचित उम्मीदवारों ने इंदौर हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर ली है। सामाजिक न्याय विभाग ने समग्र सामाजिक सुरक्षा विस्तार अधिकारी (कार्यपालिक) के 384 पदों पर भर्ती के लिए 1 व 2 जुलाई को लिखित परीक्षा कराई थी।
    जब सीधी भर्ती ही करनी थी तो परीक्षा कराकर मेरिट क्यों बनाई
    जब एग्जीक्यूटिव पोस्ट पर बिना रिटन एक्जाम कराए सीधे भर्ती नहीं की जा सकती है, तो ऐसा क्यों किया जा रहा है? सीधी भर्ती ही करनी थी, तो रिटन एग्जाम कराकर मेरिट क्यों तैयार कराई गई।
    - कमल सिंह, निवासी खरगोन
    नियम में विशेष जाति को अकार्यपालिक और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर सीधी भर्ती का स्पष्ट प्रावधान है, जबकि समग्र सामाजिक सुरक्षा विस्तार अधिकारी का पद कार्यपालिक है।
    - विजय गनवा, निवासी, खंडवा
    30 नवंबर को हमने सामाजिक न्याय विभाग में इस संबंध में लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी। एक सप्ताह बीत गया, लेकिन अब तक समस्या हल नहीं हुई है। हमने हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर ली है।
    - अरुण खन्ना, निवासी बड़वानी
    नियम... अकार्यपालिक पद पर ही नियुक्ति के लिए आवेदन मान्य होगा
    - मप्र लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण) नियम 1998 में एक अधिसूचना जारी कर सहरिया, बैगा और भारिया जनजाति के आवेदकों को नौकरी में वरीयता देने के लिए 28 अगस्त 2002 को नियम 4-ख जोड़ा गया था।
    - नियमों के तहत इन जनजातियों के आवेदक न्यूनतम योग्यता रखते हैं, तो उन्हें भर्ती प्रक्रिया पूरी किए बिना संविदा शाला शिक्षक, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के किसी भी पद पर नियुक्ति दी जाएगी। यह भी स्पष्ट है कि तृतीय श्रेणी के अकार्यपालिक पद पर ही नियुक्ति के लिए आवेदन मान्य होगा।
    समग्र सामाजिक सुरक्षा विस्तार अधिकारी के पद पर सीधी भर्ती के संबंध में स्पष्टीकरण कराया जा रहा है। आपत्तिकर्ता उम्मीदवारों को रिप्रेजेंटेशन अंडर कंसीडरेशन है।
    - अरुण जोशी, सहायक आयुक्त
    कार्यपालिक पदों पर सीधी भर्ती हो सकती है या नहीं, इस संबंध में मैं आज कुछ नहीं बता सकता हूं। आप कल आइए तभी मैं बता पाऊंगा।
    - अशोक शाह, आयुक्त, सामाजिक न्याय, नि:शक्त कल्याण आयुक्त
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