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उम्र व हुलिए से मिलते-जुलते व्यक्ति की तलाश कर इश्यू कराई थी डुप्लीकेट सिम

ब्राउन को बीएसएनएल दफ्तर लाने वाले तीसरे आरोपी राजेंद्र सतनामी को सायबर क्राइम पुलिस ने जबलपुर से गिरफ्तार किया है।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 14, 2017, 05:53 AM IST

उम्र व हुलिए से मिलते-जुलते व्यक्ति की तलाश कर इश्यू कराई थी डुप्लीकेट सिम
भोपाल .प्रोम्प्ट इंजीनियर्स के संचालक आनंद जैन की नेट बैकिंग में रजिस्टर्ड सिम ब्लॉक कराकर डुप्लीकेट सिम इश्यू कराने के लिए उनकी उम्र और हुलिए से मिलते जुलते व्यक्ति जॉनी ब्राउन को जबलपुर से भोपाल लाया गया था। ब्राउन को ही आनंद बताते हुए फर्जी दस्तावेज में उसी की फोटो लगाकर डुप्लीकेट सिम इश्यू कराई थी। सिम को बिना वेरिफिकेशन के चालू कर दिया गया था। ब्राउन को बीएसएनएल दफ्तर लाने वाले तीसरे आरोपी राजेंद्र सतनामी को सायबर क्राइम पुलिस ने जबलपुर से गिरफ्तार किया है।
- सायबर क्राइम एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि 15 सितंबर को आनंद जैन की सिम ब्लाक कराकर जालसाजों ने बीएसएनएल की डुप्लीकेट सिम इश्यू कराई थी।
- नेट बैंकिंग फ्रॉड करने वाले गिरोह ने जबलपुर निवासी राजेंद्र सतनामी को जिम्मेदारी दी गई थी कि वह जैन से मिलते जुलते हुलिए और उसी उम्र के व्यक्ति की तलाश कर उसके माध्यम से डुप्लीकेट सिम इश्यू कराए।
- इसके बाद राजेंद्र, जॉनी ब्राउन और अनिल पांडे उर्फ वकील जबलपुर से भोपाल सिम इश्यू कराने आए थे। आनंद के फर्जी वोटर आईडी में ब्राउन की फोटो लगाकर डुप्लीकेट सिम इश्यू कराई गई थी।
- नाइजीरियन गिरोह ने इसके बाद बैंक खाता हैककर 42 लाख रुपए अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए थे। बीएसएनएल दफ्तर के सीसीटीवी फुटेज और जिन फर्जी बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई थी उनकी छानबीन के बाद सायबर पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी की थी।
जॉनी की प्रोफाइल आनंद से मिलने पर राजेंद्र उसे भोपाल लाया था
- पूछताछ में राजेंद्र ने बताया कि अनिल पांडेय को आनंद की सिम इश्यू कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। उसने जैन की कद काठी व उसी उम्र के व्यक्ति की तलाश करने को कहा था। उसने बताया कि जाॅनी की प्रोफाइल आनंद से मिलती थी।
- उसे लेकर 15 सितंबर को राजेंद्र और अनिल भोपाल आए और डुप्लीकेट सिम इश्यू कराने में सफल रहे। मामले में अब तक तीन नाइजीरियन समेत 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
15 सितंबर को ब्लॉक करवाई थी सिम, मैसेज आया तब पता चला
- हैक करने वाले अज्ञात व्यक्ति ने आनंद का नेट बैंकिंग में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर 15 सितंबर को ब्लॉक किया था। उसके कुछ समय बाद आनंद के मोबाइल पर नो सर्विस लिखा हुआ आने लगा। उन्होंने बीएसएनएल के टोल फ्री नंबर 1503 पर इस संबंध में बताया।
- उन्हेें जानकारी मिली कि आपको दूसरी सिम जारी की गई है इसलिए पुरानी सिम बंद कर दी गई है। अगले दिन वे बीएसएनएल ऑफिस टीटी नगर पहुंचे तो वहां अधिकारी ने सिम इश्यू कराने वाले दस्तावेज दिखाए। इसमें उनके वोटर आईडी में फोटो दूसरे का लगाकर सिम किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा इश्यू कराई गई थी।
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