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संतनगर में हर माह छेड़छाड़ के 6 मामले फिर भी सुनसान रास्तों पर न रोशनी न गश्त

राजधानी के एमपी नगर में हुई गैंगरेप की घटना के बाद भी पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 11, 2017, 08:28 AM IST

  • संतनगर में हर माह छेड़छाड़ के 6 मामले फिर भी सुनसान रास्तों पर न रोशनी न गश्त
    भोपाल. राजधानी के एमपी नगर में हुई गैंगरेप की घटना के बाद भी पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया। संतनगर में अब भी फाटक रोड से लेकर संत कुटिया के पीछे तक कई सुनसान रास्ते ऐसे हैं जहां अंधेरा छाया रहता है और पुलिस गश्त तक नहीं करती। जबकि शॉर्टकट होने के कारण युवक-युवतियां इन्हीं रास्तों का उपयोग करते हैं। पुलिस की यह लापरवाही तब है जब अकेले संतनगर थाने में ही हर माह छेड़छाड़ के 6 से ज्यादा मामले दर्ज होते है।
    - संतनगर में धोबीघाट के सामने से, संतजी की कुटिया के पीछे और माल गोदाम के पास से पटरी क्रॉस कर आने-जाने के लिए शाॅर्टकट है। सुबह से देर रात तक रेल नियमों को ताक पर रख लोग आते-जाते हैं। पटरी पार से स्कूल-कॉलेज और बाजार में काम के लिए आने वाली महिलाएं एवं युवतियां भी इन्हीं शार्टकट का इस्तेमाल करती हैं। यही नहीं कई जुआरी और शराबी यहां दिनभर बैठकर जुआ खेलते रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद न तो रेलवे पुलिस और न ही संतनगर पुलिस लोगों को इन रास्तों से निकलने से रोकती है और न ही यहां निगरानी करती है।
    संतनगर में शाॅर्टकट रास्तों से इस तरह रिस्क उठाकर सुनसान इलाकों से निकलती हैं युवतियां
    लूटपाट का डर रहता है
    सुनसान इलाका होने से छेड़छाड़ जैसी घटनाएं आम होती जा रही हैं। छेड़छाड़ के अलावा लूटपाट का डर भी बना रहता है। - राधिका जाटव, शिक्षक
    समय की बचत होती है
    यह रास्ता शॉर्टकट है। पुलिस काे निगरानी करनी चाहिए। लंबी दूरी और समय की बचत होने से हम लोग इन रास्तों से आवाजाही करते हैं। -हेमलता यादव, कॉलेज छात्रा
    पुरुषों का निकलना भी है खतरों भरा
    सुनसान पाइंट्स पर पुलिस की निगरानी न होने से जुआ-सट्‌टा और शराबखोरी जैसी गतिविधियां चलती हैं। ऐसा नहीं कि इसकी जानकारी रेलवे पुलिस और लोकल पुलिस को न हो, लेकिन उसकी कार्यप्रणाली देखकर लगता है कि उसे किसी बड़ी घटना होने का इंतजार है।
    पाॅइंट बढ़ाए हैं हमने
    एमपी नगर में हुई घटना के बाद से संतनगर के सभी सुनसान पाॅइंट्स पर हमारी ओर से गश्त बढ़ाई गई है। संत जी की कुटिया के पास रोजाना चैकिंग भी की जा रही है। इसके अलावा रात्रिगश्त भी बढ़ाई जा चुकी है। शॉर्टकट रास्तों से निकलने वालों को समझाइश भी दे रहे हैं। -सुधीर अरजरिया, टीआई संतनगर थाना
    अक्सर घटना के बाद ही जागती है पुलिस
    संतनगर से कैलाश नगर जाने के लिए लोग फाटक रोड से न जाकर संत जी की कुटिया के पीछे से पटरी क्रॉस करके बेहद कम समय में पहुंच जाते हैं। आलम यह है कि संतनगर थाने में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ के हर माह 5-6 मामले आ रहे हैं। पुलिस का तर्क है कि वे समय-समय पर लोगों को समझाइश देते हैं। लेकिन रिस्क उठाकर महिलाएं शॉर्टकट से निकलती हैं। एमपी नगर में हुई घटना के बाद पुलिस ने गश्त तेज की है।
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