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पिता का दर्द मेरी कुछ बंदिशें हैं, वर्ना चौथे आरोपी को भी खुद पकड़कर ले आता

पीड़िता के एएसआई पिता का कहना है कि नौकरी ने हाथ नहीं बांधे होते तो वे खुद फरार आरोपी को पकड़ लाते।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 06, 2017, 05:03 AM IST

  • पिता का दर्द मेरी कुछ बंदिशें हैं, वर्ना चौथे आरोपी को भी खुद पकड़कर ले आता
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    भोपाल.पीएससी की छात्रा से सामूहिक ज्यादती का चौथा आरोपी पांच दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पकड़ना तो दूर उसका कोई सुराग भी पुलिस के हाथ नहीं है। न फोटो, न स्कैच। पूरे शहर में लोगों का गुस्सा बरकरार है। इधर, पीड़िता के एएसआई पिता का कहना है कि नौकरी ने हाथ नहीं बांधे होते तो वे खुद फरार आरोपी को पकड़ लाते। माता-पिता का दर्द....
    मुझे अंदेशा हुआ कि बदमाश अासपास के ही होंगे
    - मेरी बंदिशें हैं वर्ना चौथे आरोपी को भी पकड़कर ले आता। वह कहीं फुटपाथ पर या कलारी के किनारे नशे में पड़ा मिलेगा। घटना के बाद उस दिन बेटी बोलने की स्थिति में नहीं थी। आरपीएफ का स्टाफ उसे जानता है। बेटी ने आरपीएफ थाने में कहा कि पापा से बात करा दीजिए।
    - मुझे फोन करके बताया गया कि बच्ची की तबीयत ठीक नहीं है। मैं तत्काल जीआरपी थाने पहुंचा। अगले दिन सुबह बेटी को लेकर एमपी नगर थाने पहुंचा तो एसआई साथ में घटनास्थल आया। उसने कहा कि एफआईआर हबीबगंज थाने में होगी।
    - बेटी ने बताया था कि रात को बदमाश पांच मिनट में ही दूसरे कपड़े लेकर आ गए थे। इससे अंदाज लगाया कि बदमाश आसपास की बस्ती के ही हैं। इसलिए मैंने सोचा क्यों न बस्ती से होकर चला जाए। मैं, पत्नी और बेटी बाइक से निकले तो एक स्थान पर छह-सात लोग पत्ते खेल रहे थे। मैंने गाड़ी रोकी। तभी बच्ची ने एक बदमाश को पहचान लिया।
    - उसे पकड़कर मेनरोड पर लाया और उसे लेकर हबीबगंज थाने पहुंचे। जीआरपी और हबीबगंज पुलिस के सीमा विवाद के कारण एफआईआर देरी से दर्ज होने से हमें दिनभर भटकना पड़ा। - पीड़ित छात्रा के पिता
    मामला दर्ज होने से पहले हमने ही दो आरोपी पकड़े
    - पीड़िता की मां का कहना है कि , हमारे शिकायत करने के बाद पुलिस ने हमें सांत्वना तो नहीं दी, उल्टा ऐसे सवाल किए जैसे हमने कुछ गलत कर दिया हो।
    - मामला दर्ज होने के पहले ही मेरे पति ने दो आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले तक कर दिया, जबकि यह काम पुलिस को करना चाहिए था।
    पुलिस ने ही दिया आरोपी काे भागने का मौका
    - जीआरपी हबीबगंज ने अब तक कई ऐसी गलतियां की, जिससे चौथे आरोपी को भागने में मदद मिली। अब आरोपी का कोई ठिकाना और फोटो नहीं होने का बहाना बनाकर पुलिस नाकामी छिपा रही है।साथी आरोपी और छात्रा के हुलिया बताने के बाद भी पुलिस आरोपी का स्कैच तक तैयार नहीं कर पाई।
    - पुलिस कई इलाकों में दबिश देने की बात कर रही है, लेकिन सिर्फ स्टेशन के आसपास ही फरार आरोपी राजू तलाश की जा रही है। मामले की जांच कर रहे डीआईजी सुधीर लाड़ का कहना है कि आरोपी की तलाश जारी है। अब तक कोई अपडेट नहीं मिला है।
    मारपीट की शिकायत लेकर पहुंची महिला, 29 घंटे बाद मामला दर्ज
    - इलाहाबाद निवासी 21 वर्षीय रूपम शुक्ला की टीटी नगर निवासी हेमंत शुक्ला से शादी हुई थी। रूपम के पिता शिवबाबू ने आरोप लगाए कि तीन दिन पहले रूपम ने फोन पर बताया कि उसे बहुत पीटा जा रहा है। बेटी के साथ शुक्रवार शाम 5 बजे टीटी नगर थाने पहुंचे।
    - पुलिस का कहना था कि दहेज का मामला है, कोर्ट जाएं। हमने उनसे मारपीट की शिकायत लेने को कहा, लेकिन वे तैयार नहीं हुए। मैंने उनसे कहा कि जब तक वह रिपोर्ट दर्ज नहीं करेंगे, तब तक वे थाने से नहीं जाएंगे।
    - तब कहीं 29 घंटे बाद शनिवार रात रिपोर्ट दर्ज की। एएसआई महेश मांझी का कहना है कि हमने कॉलोनी में जाकर पूछताछ की, लेकिन मारपीट की पुष्टि नहीं हुई थी।
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