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गलत को गलत बोलने में क्या हर्ज है, जो भी कहा, सोच-समझकर कहा

सीनियर आईएएस केंद्रीय इस्पात सचिव अरुणा शर्मा का कहना है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा है।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 14, 2017, 05:47 AM IST

  • गलत को गलत बोलने में क्या हर्ज है, जो भी कहा, सोच-समझकर कहा
    भोपाल.महिला अधिकारों के नाम पर एकतरफा कानून बनाने की बात कहकर चर्चा में आईं मध्यप्रदेश कैडर की सीनियर आईएएस केंद्रीय इस्पात सचिव अरुणा शर्मा का कहना है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा है। जो भी कहा वह समाज में ही घट रही घटनाओं के अनुभवों के आधार पर कहा है। उन्होंने यह जरूर कहा कि उनका यह पत्र 31 अगस्त को लिखा गया था। ऐसे में अब इस पर बात करना ठीक नहीं है। हालांकि वे यह भी कहती हैं पत्र में जो भी कहा था, वो सोच समझकर कहा था। अब इस विषय में आगे बात करके वह बेवजह विवाद में नहीं पड़ना चाहतीं।
    क्या लिखा है पत्र में...
    - महिला अधिकारों के नाम पर संकीर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। ज्यादातर कानून महिलाओं को ही सपोर्ट करते हैं। दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा के कानून का जबरदस्त दुरुपयोग हो रहा है। इससे पुरुषों का शादी और न्यायिक व्यवस्था में भरोसा खत्म हो रहा है। इसमें जल्द सुधार नहीं किया गया तो पुरुष लिव इन रिलेशन में रहना शुरू कर देंगे।
    दो टूक... समाज में घट रहीं घटनाओं के अनुभवों के आधार पर ही मैंने पत्र लिखा है
    आपने महिला अधिकारों में संकीर्णता की बात कही है। आपको ऐसा क्यों लगता है?
    - मुझे जो कहना था मैं कह चुकी। मैं इस पर आगे अब कोई बात नहीं कहना चाहती। मुझे चिट्‌ठी लिखे दो महीने हो गए हैं।
    कोई तो आधार होगा, आपकी इन बातों का?
    - आप मप्र पुलिस के डाटा का एनालिसिस करो। पन्ना का केस देखो। ऐसे कई केस हैं मध्यप्रदेश में।
    आपने कहा-ससुराल का पार्किंग प्लेस की तरह इस्तेमाल हो रहा है?
    - होम मिनिस्ट्री का 2015 का सर्कुलर देख लो आप। मध्यप्रदेश का तो बहुत अच्छा डाटा है। (प्रदेश के खराब रिकॉर्ड पर उनका कमेंट)
    महिला अफसर होकर भी आपने महिलाओं को नाराज करने वाली बात कही, क्यों?
    - इसे इस डायरेक्शन पर मत ले जाइए। यदि पुरुष गलत है तो भी मैं बोलूंगी। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई लड़का है या लड़की, जो गलत है वह तो गलत ही है।
    1982 बैच की आईएएस अफसर हैं
    - अरुणा शर्मा 1982 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्त पर जाने से पहले वह प्रदेश में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव थीं। फरवरी 2016 में वह प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली गईं। वह इस्पात मंत्रालय में सचिव हैं।
    - मध्यप्रदेश में रहते हुए अरुणा शर्मा ने महिला अधिकारों व यहां की अन्य व्यवस्थाओं पर कभी इतनी तीखा प्रहार नहीं किया था। मध्यप्रदेश में रहते हुए अरुणा शर्मा आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
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