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स्पार्किंग से एसएनसीयू वार्ड में लगी आग; स्टाफ ने 2 मिनट में वार्ड खाली कर बचाई भर्ती 25 शिशुओं की जिंदगी

जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड के डॉक्टर्स चैंबर के एसी में शॉर्ट सर्किट से लगी थी आग।

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2018, 04:17 PM IST
A fire in SNCU ward from sparking; Staff saved the vacant ward in 2 minutes and saved 25 children's life.

छतरपुर. जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड के डॉक्टर्स चैंबर के एसी में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। घटना के समय वार्ड में 25 नवजात शिशु वार्ड में भर्ती थे। आग लगने से एयरकंडीशनर से धुआं निकलने लगा। इसे देख ड्यूटी डाक्टर ने तुरंत मेन स्विच ऑफ कर बिजली की सप्लाई बंद कर दी। इससे 25 शिशुओं की जान बचाई जा सकी।

- आसपास के वार्डों का पूरा स्टाप दौड़ा और आननफानन में वार्ड के मुख्य गेट, आपात कालीन गेट से दो मिनट में एसएनसीयू कक्ष से सभी बच्चों को बाहर निकाल लिया। वार्ड से निकालने के बाद सभी बच्चों को बच्चा वार्ड के इंमरजेंसी चैंबर में रखा गया है। मरीजों के परिजनों की मदद से फायर ब्रिगेड पहुंचने से पहले ही कर्मचारियों ने आग पर भी काबू पा लिया था।
- अधिकारियों ने तत्काल ही वार्ड की मरम्मत के साथ सफाई कराई दो नए एसी लगवाए और दो घंटे में फिर से वार्ड में बच्चों को शिफ्ट करा दिया गया है।

डॉक्टर ने तुरंत बंद किया एसी
- एसएनसीयू वार्ड में आग लगते ही एसी से धुआं निकलने लगा। इस धुआं को देखते ही ड्यूटी पर मौजूद डॉ नरेंद्र बरुआ ने एसी को तुरंत बंद कर दिया। इसके बावजूद पूरे वार्ड में धुआं भर गया। इसी दौरान अस्पताल के आरएमओ डॉ. आरपी गुप्ता मौके पर पहुंच गए। धुआं देख आस पास के वार्डों में मौजूद डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, इमरजेंसी स्टाफ, सफाई स्टाफ और बच्चों के परिजन एसएनसीयू पहुंचे।

डॉक्टरों ने शिशुओं को बाहर निकाला
- डॉक्टर और स्टॉफ ने मिलकर 25 बच्चों को दो मिनट के अंदर वार्ड से बाहर निकाल। डाक्टारों ने सभी बच्चों को बच्चा वार्ड के एयर कंडीशंड इमरजेंसी कक्ष में रखवाया साथ ही उनका इलाज भी देना जारी रखा। इससे सभी बच्चों की जान बच गई है। वार्ड में भर्ती दो बच्चों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें रेफर कर दिया है।

इमरजेंसी गेट से हुआ फायदा

- एसएनसीयू वार्ड के पूर्व प्रभारी डॉ. सुरेश बौद्ध ने बताया कि कुछ महीने पहले ग्वालियर और इसके बाद टीकमगढ़ जिला के एसएनसीयू वार्ड में बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। इन दोनों घटनाओं के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय के आदेश पर एसएनसीयू वार्डों में एक इमरजेंसी गेट बनाया गया। आज यह गेट बच्चों की जान बचाने के लिए काम आया। ज्यादातर शिशुओं को इसी इमरजेंसी गेट से बाहर नकाला गया। वर्ना वार्ड में भरा धुआं नाजुक बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता था।

A fire in SNCU ward from sparking; Staff saved the vacant ward in 2 minutes and saved 25 children's life.
A fire in SNCU ward from sparking; Staff saved the vacant ward in 2 minutes and saved 25 children's life.
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A fire in SNCU ward from sparking; Staff saved the vacant ward in 2 minutes and saved 25 children's life.
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A fire in SNCU ward from sparking; Staff saved the vacant ward in 2 minutes and saved 25 children's life.
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