• Hindi News
  • Mp
  • Bhopal
  • Advice of former CM on bovine in the morning, sarcasm of minister in afternoon ... and CM counted work in night

सियासत गरमाई. / सुबह गोवंश पर पूर्व सीएम की सलाह, दोपहर में मंत्री का कटाक्ष... और रात में सीएम ने गिनाए काम



Advice of former CM on bovine in the morning, sarcasm of minister in afternoon ... and CM counted work in night
X
Advice of former CM on bovine in the morning, sarcasm of minister in afternoon ... and CM counted work in night

  • सड़क हादसों में मर रहीं गोमाता गोशालाओं में भेजें : दिग्विजय
  • मुझे चिंता है; 1000 गोशालाएं बन रहीं, 3000 का लक्ष्य : नाथ

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2019, 05:53 AM IST

भोपाल | अब तक गोमाता को लेकर भाजपा के हमलों में घिरती आ रही कांग्रेस में शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के एक ट्वीट पर जवाबी बयानों से सियासत गरमा गई। दिग्विजय ने सड़क दुर्घटना में गायों की मौत को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ को सलाह दी थी कि भोपाल-इंदौर हाईवे पर लगभग हर दिन एक्सीडेंट में गोमाता मर जाती हंै। सरकार को तत्काल गायों को सड़कों से हटाकर गोशालाओं में भेजना चाहिए।

 

मुख्यमंत्री ने दिग्विजय की इस सलाह पर ट्वीट कर कहा कि मुझे चिंता है। गायों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं और एक हजार गोशालाओं का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिग्विजय सिंह की सलाह पर मैंने जो ट्वीट किया है वह सरकार के काम व नीति है। इसका कोई अन्य मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।

 

कमलनाथ जी आपने तत्काल ऐसा करके दिखा दिया आप सच्चे गोभक्त : यह चित्र है भोपाल-इंदौर हाईवे का, जहां आवारा गोमाता बैठी रहती हैं और लगभग हर दिन एक्सीडेंट में मर जाती हैं। कहां हैं हमारे गोमाता के प्रेमी गोरक्षक? मप्र शासन को तत्काल इन आवारा गोमाता को सड़कों से हटाकर गो अभ्यारण्य या गोशालाओं में भेजना चाहिए। यदि कमलनाथ जी आपने तत्काल एेसा करके दिखा दिया तो आप सच्चे गोभक्तों में गिने जाएंगे और कथित भाजपाई नेताओं को नसीहत मिलेगी।

 

कमलनाथ नए जमाने के अभिमन्यु हैं : लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा से जब दिग्विजय के इस ट्वीट पर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दिग्विजय खुद मुख्यमंत्री रहे हैं उन्होंने क्या किया। सबको पता है। कमलनाथ नए जमाने के अभिमन्यु हैं, वे हर चक्रव्यूह तोड़ना जानते हैं।

 

गोमाता हमारे लिए सियासत नहीं, बल्कि आस्था का प्रतीक : आपने भोपाल-इंदौर हाईवे पर बैठी, दुर्घटना का शिकार हो रहीं गोमाता का जिक्र किया। इनको लेकर सरकार को कुछ करना चाहिए तो आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि मंैने अभी कुछ दिनों पूर्व ही प्रदेश के सभी प्रमुख मार्गों पर, जहां बरसात के मौसम में खेतों की मिट्टी गीली होने की वजह से गोमाता सड़कों पर आकर बैठती हैं और वाहन दुर्घटना का शिकार होती हैं, उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए अधिकारियों को एक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। 1000 गोशालाओं का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। अगले साल तक 3000 गोशालाएं बनाने का लक्ष्य है। गोशाला बनने के बाद ही गोमाता के सड़कों पर बैठने में कमी आएगी। मैं इसको लेकर चिंतित हूं। हम शहरों को आवारा पशु मुक्त बनाने की योजना पर भी काम कर रहे हैं। यह भी सच है कि गोमाता हमारे लिए सियासत नहीं आस्था व गौरव का प्रतीक है। उनकी रक्षा के लिए जो कार्य वर्षों में नहीं हो पाए हैं, वह हम करना चाहते हैं।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना