• Hindi News
  • Madhya Pradesh
  • Bhopal
  • News
  • Bhopal आंध्रप्रदेश के बाद बाजार से सबसे महंगा कर्ज ले रहा मप्र
विज्ञापन

आंध्रप्रदेश के बाद बाजार से सबसे महंगा कर्ज ले रहा मप्र

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 02:25 AM IST

News - मध्यप्रदेश को बाजार से कर्ज लेने के लिए पड़ोसी राज्यों की तुलना में ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ रहा है। मप्र सरकार ने...

Bhopal - आंध्रप्रदेश के बाद बाजार से सबसे महंगा कर्ज ले रहा मप्र
  • comment
मध्यप्रदेश को बाजार से कर्ज लेने के लिए पड़ोसी राज्यों की तुलना में ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ रहा है। मप्र सरकार ने स्टेट डेवलपमेंट के नाम पर एक हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया है। इस लोन के लिए हुए ऑक्शन में मप्र के बॉन्ड में निवेश करने वालों को 8.64 फीसदी ब्याज देना पड़ रहा है। इन बॉन्ड की मैच्योरिटी अवधि 15 साल रखी गई है।

जानकारों का कहना है कि बॉन्ड की ब्याज दर ज्यादा होना अर्थव्यवस्था के लिए नकारात्मक संकेत माना जाता है। बाजार की भाषा में किसी देश के बॉन्ड की यिल्ड (रिटर्न) तभी अधिक होती है, जब राज्य की अर्थव्यवस्था को लेकर रेटिंग एजेंसियों का रुख नकारात्मक होता है। इससे यह अर्थ लगाया जाता है कि आने वाले दिनों में संबंधित देश या राज्य की अर्थव्यवस्था में कमजोरी आ सकती है। इससे निवेश करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़े बताते हैं कि पिछले हफ्ते कर्ज के लिए बॉन्ड के जरिए हुई नीलामी में राजस्थान ने मप्र से ज्यादा कर्ज लिया, लेकिन फिर भी उसकी ब्याज दर कम थी। मप्र से ज्यादा यिल्ड पर कर्ज आंध्रप्रदेश और तेलंगाना राज्य ने दिया। ये दोनों ही राज्य बंटवारे के बाद पुनर्निर्माण के दौर से गुजर रहे हैं।

मप्र सरकार ने स्टेट डेवलपमेंट के नाम पर 8.64 फीसदी ब्याज दर के हिसाब से एक हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया

बॉन्ड की नीलामी से कर्ज जुटाने वाले राज्यों की स्थिति

राज्य बॉन्ड ऑक्शन ब्याज दर

आंध्रप्रदेश 1000 1000 8.65%

गोवा 100 100 8.60%

गुजरात 500 500 8.45%

हरियाणा 1500 1500 8.62%

मप्र 1000 1000 8.64%

जीडीपी का 3 फीसदी ही कर्ज बाजार से लेने की अनुमति है

सरकार का कहना है कि जीडीपी 1 लाख करोड़ से बढ़कर 8 लाख करोड़ हो गई है। सरकार जीडीपी की 3% राशि बतौर कर्ज बाजार से ले सकती है। इस हिसाब से सरकार को करीब 25 हजार करोड़ खुले बाजार से लेने की अनुमति है, लेकिन इस बार सरकार को अलग-अलग योजनाओं में खर्च और जीएसटी के कारण मासिक राजस्व में आ रही कमी के कारण बार-बार पैसा खुले बाजार से उठाना पड़ा है। इसीलिए राज्य सरकार को ज्यादा ब्याज देना पड़ रहा है।


(राशि करोड़ रुपए में)

X
Bhopal - आंध्रप्रदेश के बाद बाजार से सबसे महंगा कर्ज ले रहा मप्र
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन