• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Bhopal News
  • News
  • Bhopal - लूट और हत्या के बाद ग्वालियर में सामान, उप्र-बिहार में बेच देते थे ट्रक
--Advertisement--

लूट और हत्या के बाद ग्वालियर में सामान, उप्र-बिहार में बेच देते थे ट्रक

ट्रक ड्राइवर और क्लीनर्स के सीरियल किलर आदेश खामरा और उसकी हाईवे गैंग नो एंट्री खुलने यानी रात 11 बजने का इंतजार...

Danik Bhaskar | Sep 10, 2018, 03:21 AM IST
ट्रक ड्राइवर और क्लीनर्स के सीरियल किलर आदेश खामरा और उसकी हाईवे गैंग नो एंट्री खुलने यानी रात 11 बजने का इंतजार करती थी। इसके बाद ही किसी ड्राइवर-क्लीनर को नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश करते थे और शहर से बाहर निकल जाते थे। 11 मील से लूटे गए ट्रक को भी वे समसापुर, सिरोंज, राजगढ़, ब्यावरा, मुंगावली, चंदेरी, गुना, ग्वालियर, फतेहपुर, पटना फिर सिलिगुडी तक ले गए थे। करीब 1500 किमी के सफर के बीच में मौका पाकर वे ड्राइवर-क्लीनर को मार डालते थे। ट्रक के सामान ग्वालियर में बेचा जाता था, जबकि ट्रक उप्र, बिहार या नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में बेचा जाता था। इन्वेस्टिगेशन में बिलखिरिया पुलिस को पता चला है कि चार-पांच राज्यों में फैले हाईवे गैंग के नेटवर्क को कोई एक सरगना ऑपरेट नहीं करता। शेष | पेज 10 पर

(बेटे का जिक्र आते ही टूट गया सीरियल किलर, फिर उगले राज | पेज 2)



इसमें छोटे-छोटे कई गैंग शामिल हैं, जिसमें हर गैंग की अलग जिम्मेदारी तय रहती है। कौन ट्रक लूटेगा, कौन उसमें लदा सामान बिकवाएगा और कौन ट्रक बिकवाएगा ये सब पहले से तय होता है। रविवार को आईजी जयदीप प्रसाद के सवाल पर आदेश ने बताया कि सर मेरे जैसे देशभर में कई आदेश ये काम कर रहे हैं। इस आधार पर पुलिस का मानना है कि इस मामले में पड़ताल आगे बढ़ने पर एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। इसके लिए कई राज्यों की पुलिस मिलकर साथ काम कर रही है।



जयकरण-आदेश की दोस्ती आठ महीने पहले शराब दुकान पर हुई थी

आदेश और जयकरण की दोस्ती महज आठ महीने पुरानी है। जनवरी 2018 में मंडीदीप की शराब दुकान पर उसकी मुलाकात जयकरण से हुई। उस वक्त जयकरण फोन पर किसी को ट्रक ड्राइवर मुहैया करवाने की बात कर रहा था। इसके बाद दोनों ने मिलकर कई वारदातों को अंजाम दिया। हालांकि बाद में जयकरण ने अपना नया गैंग तैयार कर लिया था, जो बिलखिरिया पुलिस ने पकड़ लिया। इस वारदात को अंजाम देने में जयकरण ने आदेश की मदद नहीं ली थी।






हत्यारे ने पुलिस को ही बताईं उनकी गलतियां, बोला...

अमरावती केस में तो मैं बरी हो जाऊंगा, टाटा का ट्रक चोरी किया था, पुलिस ने अशोक लेलैंड बताया

वर्ष 2010 में आदेश ने होशंगाबाद के सुखतवा से एक ट्रक लूटा था। इसमें सवार ड्राइवर-क्लीनर को मारने के बाद वह अमरावती पहुंचा। यहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। शनिवार देर रात हुई पूछताछ में आदेश ने पुलिस से कहा कि सर, इस मामले में तो मैं बरी हो जाऊंगा। पुलिस इस मामले में चालान पेश कर चुकी है। दो आरोपी अब भी फरार हैं। चालान में पुलिस ने अशोक लेलैंड का ट्रक जब्त करना बताया है, जबकि हमने तो टाटा कंपनी का ट्रक लूटा था। इस चालान में पुलिस ने कुछ और गलतियां भी की हैं।

नागपुर केस में मुझे सजा हो जाएगी : पुलिस ने जब उससे वर्ष 2014 में नागपुर में हुए केस के बारे में पूछा तो वह बोला कि इस मामले में सजा हो सकती है। क्योंकि पुलिस के पास वो सीसीटीवी फुटेज भी हैं, जिनमें मैं दिख रहा हूं। माल की रिकवरी भी हो गई है।

आदेश खामरा

राज्यों में नया ट्रेंड... छोटे-छोटे गिरोह मिलकर कर रहे बड़ी वारदात : डीजीपी

नो एंट्री खुलते ही ट्रक से नाॅर्थ-ईस्ट तक सफर करता था हाईवे गैंग, 4 से 5 राज्यों में फैला है इनका नेटवर्क


डीजीपी ने रविवार को एसपी साउथ राहुल लोढा के ऑफिस जाकर मामले की जानकारी भी ली।

कुछ सुलगते सवाल...

टाटा के ट्रक ही क्यों चुराते थे?

-री सेल वैल्यू ज्यादा है। संख्या ज्यादा होने से पहचान में नहीं आते।

यूपी-बिहार ही क्यों ले जाते थे?

-यहां चैकिंग का डर कम है।

लूट-हत्या के अलावा और कोई मामला तो नहीं?

-अभी तक मामले में कोई अन्य तथ्य सामने नहीं आया है।

बीमा क्लेम का क्या होता है?

-अधिकतर मामलों में खात्मा के बाद बीमा क्लेम ले लिया।

यह खूनी खेल कितने करोड़ का?

-अब तक 5 करोड़ की खरीद फरोख्त का खुलासा हो चुका।