• Hindi News
  • Mp
  • Bhopal
  • MP Govt Jobs: In Madhya Pradesh, Candidates of other states can appear in exams for government jobs up to age of 35

मप्र / दूसरे प्रदेश के युवाओं सरकार का गिफ्ट, 35 साल की उम्र तक नौकरी के लिए परीक्षा दे पाएंगे



MP Govt Jobs: In Madhya Pradesh, Candidates of other states can appear in exams for government jobs up to age of 35
X
MP Govt Jobs: In Madhya Pradesh, Candidates of other states can appear in exams for government jobs up to age of 35

  • विरोध शुरू,  सिलावट, जयवर्धन समेत आधा दर्जन मंत्री फैसले से नाराज 
  • पहले बाहरी युवाओं के लिए एमपी में नौकरी की आयु सीमा 21 से 28 वर्ष थी, जो अब 35 तक है
  • एससी, एसटी, ओबीसी और सामान्य वर्ग की महिलाओं को सेवाओं में पांच वर्ष की छूट

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2019, 12:07 PM IST

भोपाल. राज्य सरकार ने बाहरी युवाओं के लिए शासकीय सेवाओं में आयु सीमा नए सिरे से तय कर दी है। इसे मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई। नई आयु सीमा का बड़ा फायदा बाहरी राज्यों के युवाओं को मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की सीधी भर्ती से होने वाली परीक्षाओं में होगा। अब 21 से 35 वर्ष तक की आयु के बाहरी युवा मप्र में नौकरी  के पात्र होंगे। पहले यह सीमा 21 से 28 वर्ष थी। जबकि मप्र के युवाओं के लिए पीएससी की राजपत्रित परीक्षाओं की आयु सीमा 21 से 35 साल है।

 

बाहरियों के लिए तय आयु की पूर्ववर्ती सीमा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिस पर कोर्ट ने सभी के लिए शासकीय सेवा में भर्ती की आयु सीमा समान करने का आॅर्डर दिया था। इसी आदेश के पालन में राज्य सरकार ने नई आयुसीमा तय की।  हालांकि इस फैसले का सरकार के आधा दर्जन से ज्यादा मंत्रियों ने कैबिनेट में ही विरोध किया। उनका कहना था कि तेलुगु, तमिल और कन्नड़ भाषी प्रदेशों में जब स्थानीय युवाओं को रोजगार में विशेष सहूलियत दी गई है तो मप्र में ऐसा क्यों नहीं कर सकते? 

 

 

दो हफ्ते में शुरू होगी कर्जमाफी की प्रक्रिया-इधर, लोकसभा चुनाव की आचार संहिता प्रभावी होने के कारण प्रदेश के जिन पात्र किसानों के दो लाख तक के कर्ज माफ नहीं हो पाए थे, उनकी कर्जमाफी की प्रक्रिया दो हफ्ते में शुरू कर दी जाएगी। आगे यह प्रक्रिया तब तक चलेगी, जब तक सभी 55 लाख किसानों के कर्जमाफ नहीं हो जाते। उल्लेखनीय है कांग्रेस सरकार ने किसानों के दो लाख रुपए के कर्ज माफ किए जाने का वाद किया था, जिसके तहत लोकसभा चुनाव की आचार संहिता प्रभावी होने के पहले 22 लाख किसानों का ही कर्जमाफ हो पाया था।

 

लागू होगा सामान्य वर्ग के लिए 10% आरक्षण :

सामान्य वर्ग को मप्र में आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण देने का रास्ता तकरीबन साफ हो गया है। इसके लिए गठित कैबिनेट सब कमेटी ने आरक्षण देने की अपनी अनुशंसा करके रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। अब शासन इसे कैबिनेट में ले जाकर सभी क्षेत्रों में इसे लागू कराएगा।  इसी माह के अंत तक आरक्षण के आदेश जारी कर दिए जाएंगे। कमेटी की बैठक मंगलवार को सामान्य प्रशासन मंत्री डाॅ. गोविंद सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें वित्तमंत्री तरुण भनोत, स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट और पर्यटन व एनवीडीए मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल बतौर सदस्य शामिल हैं। बैठक के दौरान चल रही चर्चा में डाॅ. सिंह ने कहा कि एेसे प्रावधान हैं कि किसी व्यक्ति के पास पांच एकड़ या इससे अधिक जमीन है तो वह इसका लाभ नहीं ले सकता।

 

 

COMMENT