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पूर्व सपा नेता अमर सिंह ने वीडियो जारी कर कहा- सिंधिया का निर्णय सही, आत्मसम्मान की रक्षा के लिए छोड़ी कांग्रेस

एक वर्ष पहले
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इन दिनों सिंगापुर के एक अस्पताल में भर्ती हैं अमर सिंह।
  • कहा- राजमाता विजयाराजे सिंधिया और माधवराव सिंधिया ने भी अपने आत्मसम्मान को ठेस लगने के बाद छोड़ी थी कांग्रेस
  • सिंगापुर में किडनी का इलाज करा रहे सपा के पूर्व वरिष्ठ नेता अमर सिंह ने कहा- ज्योतिरादित्य ने दादी और पिता का मार्ग चुना

भोपाल. सिंगापुर में किडनी का इलाज करा रहे सपा के पूर्व नेता अमर सिंह ने वीडियो जारी करके ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने पर बयान दिया है। अमर सिंह ने कहा-  सिंधिया ने अपने आत्मसम्मान के लिए कांग्रेस छोड़कर अपनी दादी विजयाराजे और पिता माधवराव के मार्ग का अनुसरण किया है। इससे पहले अमर सिंह ने वीडियो जारी कर अमिताभ बच्चन से माफी मांगी थी।

अमर सिंह ने बताया- होली के दिन हुई सर्जरी
अमर सिंह करीब चार महीने से सिंगापुर के एक अस्पताल में अपनी किडनी का इलाज करा रहे हैं। अमर सिंह ने वीडियो में कहा- होली के दिन उनकी सर्जरी हुई है। इसलिए वे अपनी बात देर से कह पा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि सिंधिया परिवार से उनके संबंध बेहद पुराने हैं। इंदिरा गांधी के समय राजमाता विजयाराजे सिंधिया को कांग्रेस छोड़नी पड़ी और फिर वे अपने बलबूते पर अपने पुत्र माधवराव के साथ जीत कर संसद पहुंची। वो क्या कारण थे जिससे विजियाराजे को कांग्रेस छोड़नी पड़ी।

माधवराव ने ग्वालियर-चंबल संभाग में कांग्रेस खड़ी की
अमर सिंह ने कहा- ''परिवार के विरोध के बाद माधवराव ने कांग्रेस ज्वाइन की और ग्वालियर-चंबल संभाग में कांग्रेस को खड़ा किया। कांग्रेस ने उन्हें एक झूठे मामले में फंसाकर टिकट देने से मना कर दिया। इसके बाद माधवराव ने कांग्रेस छोड़ दी और अपनी पार्टी बनाई और चुनाव जीता। अब एक बार फिर इतिहास दोहराया गया है। 18 साल तक कांग्रेस की सेवा करने वाले ज्योतिरादित्य ने कांग्रेस छोड़ दी।'' उन्होंने कहा कि ये किसी से छुपा नहीं है कि मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव ज्योतिरादित्य की अगुआई में लड़ा गया। लेकिन, मुख्यमंत्री किसी दूसरे को बना दिया और ज्योतिरादित्य से उप मुख्यमंत्री बनने का प्रस्ताव दिया गया। उन्होंने ये प्रस्ताव ठुकरा दिया। ज्योतिरादित्य चाहते थे कि ग्वालियर-चंबल संभाग में राजनीतिक और प्रशासनिक मामलों में उनकी सलाह ली जाए, लेकिन ये नहीं होने दिया गया। 

कमलनाथ ने माधवराव  को सीएम नहीं बनने दिय
अमर सिंह ने कहा कि माधवराव सिंधिया ने मुझे भिंड लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस का टिकट दिलाया था। कमलनाथ और दिग्विजय ने मेरा टिकट कटवा दिया। कहा जाता है कि अर्जुन सिंह माधवराव के विरोधी थे, लेकिन ये सही नहीं है। दोनों के बीच अच्छी मित्रता थी और मैंने मध्यस्तता की थी। अर्जुन सिंह माधवराव को मुख्यमंत्री बनवाना चाहते थे। लेकिन, उस दौरान भी दिग्विजय सिंह और कमलनाथ ने उनका विरोध किया और मुख्यमंत्री नहीं बनने दिया। अमर सिंह ने कहा- ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी दादी और पिता की तरह आत्मसम्मान की रक्षा के लिए कांग्रेस को छोड़ा है।

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