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मध्य प्रदेश / ना-ना करते-करते भाजपा-कांग्रेस ने उतारे पैराशूट उम्मीदवार



शुक्रवार को होशंगाबाद में कांग्रेस प्रत्याशी सरताज सिंह का सामना भाजपा प्रत्याशी डॉ. सीतासरन शर्मा से हो गया। तब सीतासरन शर्मा ने सरताज सिंह के पैर छुए। शुक्रवार को होशंगाबाद में कांग्रेस प्रत्याशी सरताज सिंह का सामना भाजपा प्रत्याशी डॉ. सीतासरन शर्मा से हो गया। तब सीतासरन शर्मा ने सरताज सिंह के पैर छुए।
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शुक्रवार को होशंगाबाद में कांग्रेस प्रत्याशी सरताज सिंह का सामना भाजपा प्रत्याशी डॉ. सीतासरन शर्मा से हो गया। तब सीतासरन शर्मा ने सरताज सिंह के पैर छुए।शुक्रवार को होशंगाबाद में कांग्रेस प्रत्याशी सरताज सिंह का सामना भाजपा प्रत्याशी डॉ. सीतासरन शर्मा से हो गया। तब सीतासरन शर्मा ने सरताज सिंह के पैर छुए।

  • राहुल ने कहा था पैराशूट से आने वाले नेताओं को नहीं मिलेगा टिकट
  • भाजपा और कांग्रेस ने दिया दलबदलुओं को ग्रीन सिग्नल

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 12:13 AM IST

भोपाल(सुधीर निगम) । विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन तिथि के अंतिम दिन अब उम्मीदवारों की स्थिति साफ हो गई है। साथ ही साफ हो गया है कि दाेनों दलों को दलबदलुओं से परहेज नहीं है। चुनाव के पहले प्रत्याशी के संबंध में बड़े-बड़े दावे करने वाले दोनों दलों ने एक दर्जन से ज्यादा दलबदलुओं को मौका दिया है।

 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भोपाल में कार्यकर्ताओं से बात करते हुए स्पष्ट कहा था कि पैराशूट से आने वालों को टिकट नहीं दिया जाएगा। उसी पार्टी ने नामांकन के एक दिन पहले पार्टी का दामन संभालने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री सरताज सिंह को होशंगाबाद से चुनाव मैदान में उतार दिया है। सिर्फ सिंह ही नहीं ऐसे कुछ अन्य व्यक्ति प्रत्याशी बनाए गए हैं, जिन्होंने हाल में पार्टी ज्वाइन की है। इनमें मुख्य रूप से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साले संजय सिंह मसानी हैं। उन्हें वारासिवनी से टिकट दी गई है।

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स्थानीय कांग्रेसी उनकी उम्मीदवारी का विरोध भी कर रहे हैं। भाजपा के पूर्व विधायक और रीवा जिला पंचायत के अध्यक्ष अभय मिश्रा भी पिछले दिनों कांग्रेस में शामिल हुए हैं। उन्हें पार्टी ने रीवा से चुनाव मैदान में उतारा है। उनकी पत्नी नीलम मिश्रा वर्तमान विधानसभा में सेमरिया से भाजपा की विधायक हैं। श्योपुर से कांग्रेस ने बसपा से आए बाबूुलाल जंडेल पर भरोसा जताया है। कुछ दिन पहले ही बसपा से कांग्रेस में आई विद्यावती पटेल को देवतालाब सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।

 

भाजपा के वरिष्ठ नेता गाहे-बगाहे यह जताने में नहीं चूकते कि उनकी पार्टी कार्यकर्ताओं की पार्टी है, लेकिन उसने भी कई पैराशूट उम्मीदवारों को मौका दिया है। गुरुवार को ही पार्टी में आने वाले प्रह्लाद लोधी को पवई से प्रत्याशी बनाया गया है। उन्हें सपा ने वहां से उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन वे भाजपा में शामिल हो गए।

 

भोपाल में कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे रसूल अहमद सिद्दीकी की बेटी फातिमा सिद्दीकी को गुरुवार को ही पार्टी में शामिल कर भोपाल उत्तर से टिकट दे दिया गया। कोलारस में कांग्रेस के पूर्व विधायक वीरेंद्र रघुवंशी को भाजपा का टिकट दिया है। वे एक उपचुनाव जीतने के बाद दो बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव हार चुके हैं। सुमावली में बसपा से भाजपा में आए अजब सिंह कुशवाह को टिकट से नवाजा गया है। सेवढ़ा में भी बसपा नेता रहे राधेलाल बघेल को भाजपा उम्मीदवार बनाया गया है।

 

यहां तो दोनों दलबदलू: हाल में चर्चा में रही तेंदूखेड़ा सीट पर दिलचस्प मामला है। यहां से भाजपा विधायक संजय शर्मा ने पिछले दिनों कांग्रेस का दामन थाम लिया। कांग्रेस ने उन्हें ही प्रत्याशी बनाया है। उनका सामना भाजपा के विश्वनाथ पटेल (मुलायम सिंह) से होगा। पटेल भी हाल में कांग्रेस से भाजपा में पहुंचे हैं।

 

कुछ ऐसा ही मुकाबला विजयराघवगढ़ में देखने को मिलेगा यहां भाजपा के संजय पाठक के सामने पद्मा शुक्ला हैं। पाठक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे और उपचुनाव जीतकर विधायक व बाद में मंत्री बने। वहीं पद्मा ने पिछले दिनों भाजपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ली है।

 

ये भी मैदान में: चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी को भाजपा ने भिंड से प्रत्याशी घोषित किया है। राकेश सिंह ने पिछली विधानसभा में भाजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान ही कांग्रेस छोड़ दी थी। पिछले चुनाव में उनके भाई चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी को मेहगांव से भाजपा का टिकट मिला था और वे विधायक बने थे। इस बार मेहगांव से मुकेश सिंह का टिकट काटकर राकेश सिंह को भिंड से उम्मीदवार बनाया गया है।

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