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आरोप / किसान का 40 और मुख्यमंत्री के बेटे की डेयरी का दूध 60 रुपए किलो क्यों बिक रहा: सुरजेवाला



मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते रणदीप सिंह सुरजेवाला साथ में हैं राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते रणदीप सिंह सुरजेवाला साथ में हैं राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी।
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मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते रणदीप सिंह सुरजेवाला साथ में हैं राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी।मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते रणदीप सिंह सुरजेवाला साथ में हैं राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी।

Dainik Bhaskar

Oct 16, 2018, 08:26 PM IST

भोपाल। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के बेटे कार्तिकेय की डेयरी का सुधा अमृत दूध अधिकारियों पर दबाव डालकर कर जबरन साठ रुपए किलो बिकवाया जा रहा है। जबकि प्रदेश में दूध के दाम बाजार में 40 रुपए है। प्रदेश में एक भी किसान ऐसा नहीं है जिसका दूध साठ रूपये लीटर बिकता हो। लेकिन मुख्यमंत्री के बेटे के लिए अधिकारी ऐसा कर रहे हैं। शुक्रवार को रणदीप राजधानी में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। 


रणदीप ने कहा कि शिवराज हो या मोदी राज केंद्र और मध्यप्रदेश की भाजपा सरकारें किसानों के लिये अभिशाप साबित हुईं। मध्यप्रदेश किसान आत्महत्या में देश में नंबर तीन पर है। कोई भी ऐसी योजना नही है जो दलाली की भेंट न चढ़ी हो। प्याज खरीदी के नाम पर  1100 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। ढाई सौ करोड़ रुपए की दाल घोटाला सामने आया है। कृषि पंपों की सब्सिडी में 50000 करोड़ की सब्सिडी का घोटाला उजागर हुआ है। प्याज खरीदी के नाम पर 1100 करोड़ रूपये का घोटाला हुआ।


किसान की मौतों के मामले में प्रदेश तीसरे नंबर पर

रणदीप ने कहा कि मध्यप्रदेश में 2013 से अब तक हर साल किसानों की आत्महत्या के मामले 21 फीसदी की दर से कैसे बढ़ गए। यह आंकड़े हमारे नहीं हैं, बल्कि लोकसभा में केंद्रीय मंत्री, पुरुषोत्तम रूपाला ने 20 मार्च, 2018 को सदन के पटल पर रखे। मध्यप्रदेश किसानों की आत्महत्या के मामले में पूरे देश में तीसरे स्थान पर है। 
    

कविता भी पड़ी
 किसान फांसी के फंदे पर रहे झूल, भाजपाई खेतों में उग रहे करोड़ों के अनार और फूल 

वादा था ‘लागत + 50 प्रतिशत’ समर्थन मूल्य का देंगे मौका, अब कर रहे अन्नदाता से धोखा

किसानों को उतारा मौत के घाट, पर ‘मामा’ का दूध बिकता है रू. साठ

झूठ की बुवाई - जुमलों का खाद, वोटों की फसलें - वादे नहीं याद, झांसों का खेल - शिवराज-मोदी दोनों फेल 

 

सात सवालों का जवाब मांगा

- लागत+50 प्रतिशत का वादा ‘जुमला’ क्यों बन गया?
- क्या कारण है कि मध्यप्रदेश में 2013 से अब तक किसानों की आत्महत्या के मामले हर साल 21 प्रतिशत की दर से बढ़ रहे हैं? 
- अन्नदाता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने में मध्यप्रदेश देश में तीसरे पायदान पर क्यों?
- मोदी जी के सत्ता में आते शिवराज सरकार ने किसानों का 150 रूपये प्रति क्विंटल का बोनस क्यों बंद किया?
- प्रदेश के बासमती चावल को मान्यता दिलाने के आपके दावे का क्या हुआ, जबकि मध्यप्रदेश और देश, दोनों में भाजपाई सरकारें हैं ? 
- मंदसौर में 6 जून 2017 को सरकार ने छह किसानों को मौत के घाट उतार दिया, उनके हत्यारे कहां हैं ? उनके खिलाफ क्या कार्यवाही हुई?
- क्या आपकी सरकार ने वर्ष 2012 में रायसेन में किसानों पर गोलियां नहीं चलवायीं और किसानों को मौत के घाट नहीं उतारा?
- प्याज उत्पादक किसान हो या दाल उत्पादक किसान या फिर गेहूं-धान उगाने वाला किसान, वो भाजपाई भ्रष्टाचार से ग्रस्त क्यों?

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