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आयुष्मान भारत योजना / निजी अस्पतालों के लिए एनएबीएच की शर्त दो साल के लिए हटाई



Ayatman Bharat Scheme removed the condition of NABH for private hospitals
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Ayatman Bharat Scheme removed the condition of NABH for private hospitals

  • शर्त के चलते अभी तक प्रदेश के 250 अस्पतालों में ही मिल रहा था इलाज

Dainik Bhaskar

Oct 13, 2018, 02:57 AM IST

भोपाल.  आयुष्मान भारत योजना के हितग्राहियों को घर के पास के अस्पताल में भी आसानी से इलाज मिल सकेगा। निजी अस्पतालों में इलाज के लिए जोड़ी गई नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स (एनएबीएच) की शर्त को हटा दिया गया है। साथ ही अब दो साल के भीतर सभी अस्पतालों को एनएबीएच के मापदंड को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके पीछे स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का तर्क है कि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को योजना का लाभ दिलाने के लिए ऐसा किया गया है। 


शर्त के कारण भोपाल सहित प्रदेश के 250 अस्पताल में इलाज संभव हो पाता। लोगों की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले दिनों सीएम हाउस में आयोजित डॉक्टर्स की महापंचायत में इस शर्त को हटाने के निर्देश दिए। अफसरों का कहना है कि अब इस योजना में ज्यादा से ज्यादा निजी अस्पतालों को शामिल किया जाएगा, ताकि मरीज घर के पास के अस्पताल में इलाज करा सकें। गौरतलब है कि योजना के तहत एक हितग्राही को पांच लाख रुपए तक कैशलेस इलाज एक साल के भीतर मिलेगा। 


इस योजना के तहत शहर के जेपी और हमीदिया अस्पताल सहित 14 निजी अस्पतालों को चिह्नित किया गया है। इन अस्पतालों में मरीजों की डाटा एंट्री का काम पूरा कर लिया गया है। रविवार से मरीजों को योजना में पांच लाख तक के इलाज का भुगतान कैशलेस होगा। इमरजेंसी में भर्ती होने पर सिर्फ नाम और कार्ड नंबर पूछा जाएगा। ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीज के भर्ती होने से 3 दिन पहले और अस्पताल से छुट्टी होने के 15 दिन बाद तक खर्च सरकार उठाएगी।

 

जेपी अस्पताल में होंगे 6 आयुष्मान मित्र तैनात : एनएचएम के उपसंचालक डॉ. पंकज शुक्ला ने बताया कि जेपी अस्पताल आने वाले मरीजों की सहूलियत के लिए यहां दो आयुष्मान मित्र तैनात किए गए थे, लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इनकी संख्या बढ़ाकर 6 की जा रही है। ताकि मरीजों को 24 घंटे लाभ मिल सके।

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