भोपाल

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डायनामाइट से उड़ाया बीएचईएल का 53 साल पुराना ओवरहेड टैंक, जर्जर होने से था हादसे का खतरा

बीएचईएल में साल 1965 में बने ओवरहेड टैंक को बुधवार को गिरा दिया गया।

Danik Bhaskar

May 17, 2018, 10:38 AM IST

भोपाल. बीएचईएल में बरखेड़ा गेस्ट हाउस के पास 1965 में बनी पानी के ओवरहेड टैंक को दो किलोग्राम जिलेटिन से विस्फोट कर गिरा दिया गया। इसके लिए दो किलोग्राम जिलेटिन को 65 होल में भरा गया और एक झटके में 53 साल पुरानी टंकी भरभरा कर जमीदोंज हो गई। दो साल से भेल प्रशासन ने इस टंकी से पानी सप्लाई बंद कर दिया था, जिससे दिनोंदिन टंकी जर्जर अवस्था में पहुंच कर जानमाल के लिए खतरा बन गई थी। भेल के जलकार्य विभाग ने प्रबंधन से इसे तोडऩे की अनुमति मांगी थी। प्रबंधन द्वारा करीब 2 किलोग्राम जिलेटिन लगाकर इस पानी की टंकी को ढहा दिया।

रात 3 बजे ओवरहेड टैंक में किए गए 65 होल

-बरखेड़ा में टंकी को तोडऩे के लिए इसमें जिलेटिन लगाने के लिए मंगलवार से ही काम किया जा रहा था। रात करीब 3 बजे पानी की टंकी में छेद किए गए। 10 पिलर वाली टंकी में 65 छेद किए गए। सुबह करीब 9 बजे से विस्फोट विशेषज्ञ और उनकी टीम पहुंच गई थी। टीम ने लगभग डेढ़ घंटे में 2 किलोग्राम जिलेटिन को टंकी के पिलर में लगाया। टंकी गिराने से पूर्व यहां नारियल फोड़ा गया। सुबह 10.45 बजे ये 10.57 बजे तक लगातार सायरन बजाया गया। बाकीटाकी पर विस्फोट विशेषज्ञ के बोलते ही फायर किया गया। केवल 4 सेकंड में पानी की टंकी सीधे नीचे गिर गई। टंकी तोडऩे के काम महावीर एक्सप्लोसिव कंपनी के सौरभ जैन को दिया गया। ठेकेदार मो. हबीब इंजीनियरिंग वक्र्स के सुपरविजन में काम किया गया। इसका सुपरविजन प्रेमचंद्र जैसवाल ने किया। इस मौके पर भेल नगर प्रशासक अनंत टोप्पों, जलकार्य विभाग के प्रमुख एसएए नकवी, नगर प्रशासन विभाग के डीके मिश्रा, सिविल विभाग के अधिकारी के साथ आसपास सीआईएसएफ के जवानों को तैनात किया गया था।
24 साल से कर रहे विस्फोट
-भेल में दो साल पुरानी जर्जर टंकी को गिराने में मुख्य भूमिका निभाने वाले विस्फोट विशेषज्ञ राकेश कुमार ने बताया कि वह पिछले 24 साल से इस तरह के काम कर रहे है। वह भोपाल के अलावा अन्य शहरों में इस तरह के कार्य चुके।
प्रबंधन से अनुमति के बाद तोड़ी गई टंकी: नकवी
-भेल जलकार्य विभाग के अधिकारी नकवी ने बताया कि वर्ष 1965 में आसपास के रहवासी क्षेत्र के समय पानी की टंकी बनाई गई थी। भेल में कुल 14 ओवरहेड टैंक है। इस ओवरहेड टैंक की पिछले दो साल से जर्जर अवस्था थी। भेल से अनुमति के बाद इसे तोड़ा गया। पानी की टंकी को तोड़ते समय रोड पर मलबा न आए इसका पूरा ध्यान रखा गया। सुरक्षा के तहत यहां एबुलेंस भी रखी गई थी।
टंकी को देखने वालों की भीड़ लगी
-भेल क्षेत्र में पानी की टंकी को तोडऩे की खबर लगने के बाद इसे देखने वाले को मजमा सुबह से ही लग गया। बढ़ती भीड़ को देखकर भेल नगर प्रशासन विभाग ने कमला नेहरु उद्यान के पास रस्सी बांधकर रास्ता बंद कर दिया। यहां टंकी टूटने की तस्वीरों को मोबाइल में लोगों ने कैद किया। टंकी तोड़ते समय मलवा दूर तक नहीं गिरा, जिससे अफसरों ने राहत की सांस ली।

ओवरहेड टैंक को उड़ाने के लिए भोपाल से टीम को बुलाया गया था। ओवरहेड टैंक को उड़ाने के लिए भोपाल से टीम को बुलाया गया था।
टैंक को जर्जर घोषित कर दिया गया था, इससे हादसे का खतरा था। टैंक को जर्जर घोषित कर दिया गया था, इससे हादसे का खतरा था।
इंदौर के विशेषज्ञों की मदद लेकर ओवरहेड टैंक को डायनामाइट से उड़ा दिया है। इंदौर के विशेषज्ञों की मदद लेकर ओवरहेड टैंक को डायनामाइट से उड़ा दिया है।