मप्र / पूरी बस्ती में गूंज रही थी चीखें, बच्चों की लाश देख पथरा सी गई परिजनों की आंखें



जैसे ही शव बस्ती में पहुंचे घरों के सामने लोगों की भीड़ लग गई। जैसे ही शव बस्ती में पहुंचे घरों के सामने लोगों की भीड़ लग गई।
मां के आंसू पौंछती बेटी। मां के आंसू पौंछती बेटी।
मृतक के परिजनों को सांत्वना देते पड़ोसी। मृतक के परिजनों को सांत्वना देते पड़ोसी।
बेटे से लिपट विलाप करते परिजन। बेटे से लिपट विलाप करते परिजन।
मृतक के परिजनों को संभालते बस्ती के लोग। मृतक के परिजनों को संभालते बस्ती के लोग।
हादसे में मारे गए परवेज के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे लोग। हादसे में मारे गए परवेज के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे लोग।
Bhopal Boat Capsized
Bhopal Boat Capsized
Bhopal Boat Capsized
X
जैसे ही शव बस्ती में पहुंचे घरों के सामने लोगों की भीड़ लग गई।जैसे ही शव बस्ती में पहुंचे घरों के सामने लोगों की भीड़ लग गई।
मां के आंसू पौंछती बेटी।मां के आंसू पौंछती बेटी।
मृतक के परिजनों को सांत्वना देते पड़ोसी।मृतक के परिजनों को सांत्वना देते पड़ोसी।
बेटे से लिपट विलाप करते परिजन।बेटे से लिपट विलाप करते परिजन।
मृतक के परिजनों को संभालते बस्ती के लोग।मृतक के परिजनों को संभालते बस्ती के लोग।
हादसे में मारे गए परवेज के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे लोग।हादसे में मारे गए परवेज के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे लोग।
Bhopal Boat Capsized
Bhopal Boat Capsized
Bhopal Boat Capsized

  • शहर में शुक्रवार अल सुबह गणेश विसर्जन के दौरान खटला पुरा घाट पर दो नाव पलटने से 11 लोगों की मौत हो गई

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2019, 02:31 PM IST

भोपाल।  गणेश विसर्जन के दौरान भोपाल के खटलापुरा में नाव डूबने के हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो गई। मृतकों के शव जैसे ही पिपलानी स्थित बस्ती में लाए गए। चीख-पुकार मच गई। कहीं रोते-रोते मां की आंखें सूख सी गई तो कहीं किसी मृतक के परिजन बेहोश से हो गए थे। 

 

बस्ती में घटना की सूचना सुबह ही पहुंच गई थी। जैसे ही सूचना पहुंची कुछ लोग हमीदिया अस्पताल की ओर भागे तो कुछ घटनास्थल की तरफ। हर घर में मातम पसर गया। पूरी बस्ती में सुबह से चूल्हा तक नहीं जला। मृतक परिवारों के घरों में लोगों की भीड़ जमा हो गई। जो भी मिलने आ रहा था उसके आंसू नहीं थम रहे थे।

 

हमीदिया अस्पताल पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से गले मिल मृतकों के परिजन फूट-फूटकर रोने लगे। शिवराज ने सभी को ढांढस बंधाया।  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये आरोप-प्रत्यारोप का वक्त नहीं है। लेकिन प्रशासन को इस बात की जानकारी होना चाहिए थी कि विसर्जन के दिन घाट पर भारी भीड़ होती है। इस दुर्घटना के लिए केवल बच्चे जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि प्रशासन की जिम्मेदारी भी बनती है। ये आपराधिक लापरवाही का मामला है। ऐसे में मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख का मुआवजे के साथ आश्रित को सरकारी नौकरी देनी चाहिए।

 

भोपाल की सांसद  प्रज्ञा ठाकुर ने भी इसे लापरवाही मानते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि, अगर मृतकों के परिजनों की मांगें पूरी नहीं हुई तो वो आंदोलन छेड़ देंगी। 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना