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भोपाल-इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट को मोदी कैबिनेट की मंजूरी

3 वर्ष पहले
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भोपाल. केंद्र सरकार ने बुधवार को 14,442.20 करोड़ रुपए के भोपाल और इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी। भोपाल में अगले चार साल में दो रूट पर मेट्रो रेल का संचालन शुरू किया जाएगा। इसमें पहला रूट 14.19 और दूसरा रूट 12.88 किलोमीटर का होगा। 6941.40 लागत का यह प्रोजेक्ट वर्ष 2022 में पूरा होगा।

 

केंद्र से भोपाल मेट्रो परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने करोंद से एम्स तक के पहले रूट का सिविल वर्क प्रारंभ कराने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। गौरतलब है कि भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट के सिविल वर्क का काम दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड को दिया गया है।

 

सूत्रों के मुताबिक कॉर्पोरेशन इस सप्ताह के आखिरी तक सिविल वर्क का लेटर आॅफ इंटेंट (एलओआई) जारी करेगा। इसके बाद अगले दो महीने में दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड सिविल वर्क करना शुरू करेगी।

 

छह रूट; अभी दो को मिली मंजूरी : नगरीय प्रशासन के पीएस विवेक अग्रवाल ने कहा- भोपाल में मेट्रो रूट के पहले चरण के निर्माण कार्य का भूमिपूजन जल्द ही किया जाएगा।
 

1. करोंद सर्कल से एम्स : पर्पल लाइन नाम के इस रूट पर दो स्टेशन अंडरग्राउंड रहेंगे। मेट्रो का पहला रूट भोपाल रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के नजदीक से गुजरेगा। यहां मेट्रो का ट्रैक अंडरग्राउंड होगा।

 

2. भदभदा से रत्नागिरी तिराहा : रेड लाइन नाम के इस रूट के सभी स्टेशन जमीन के ऊपर रहेंगे। मेट्रो प्रोजेक्ट में यात्री किराए के अलावा विज्ञापनों के जरिए भी आय जुटाई जाएगी।

 

16 स्टेशन : करोंद चौराहा, कृषि उपज मंडी, डीआईजी बंगला, सिंधी कॉलोनी, नादरा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, भारत टॉकीज, पुल बोगदा, ऐशबाग स्टेडियम के पास, सुभाष नगर अंडरपास के पास, मैदा मिल केंद्रीय विद्यालय, एमपी नगर, सरगम सिनेमा, हबीबगंज कॉम्प्लेक्स, अलकापुरी और एम्स।

 

14 स्टेशन : भदभदा चौराहा, डिपो चौराहा, जवाहर चौक, रंगमहल टॉकीज, रोशनपुरा चौराहा, मिंटो हॉल, लिली टॉकीज, जिंसी, बोगदा पुल, प्रभात चौराहा, गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया, इंद्रपुरी, पिपलानी और रत्नागिरी तिराहा।

 

टेक्नोलॉजी की बाध्यता खत्म... केंद्र ने भोपाल मेट्रो परियोजना में टेक्नोलॉजी की बाध्यता खत्म कर दी है। भोपाल मेट्रो के लिए लोन देने का प्रस्ताव देने वाली अलग-अलग फर्म ने जर्मनी और जापानी टेक्नोलॉजी का उपयोग करने की बाध्यता रखी थी। अब इस बाध्यता को खत्म कर दिया है।

 

आरडीएसओ की गाइडलाइन पर डिजाइन... रेलवे डिजाइन एंड सेफ्टी आर्गनाइजेशन की गाइडलाइन के आधार पर मेट्रो का डिजाइन तैयार होगा। अलग से टेंडर बुलाए जाएंगे। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने इस प्रोजेक्ट के लिए इंटरनेशनल कंसल्टेंट कंपनी डीबी इंजीनियरिंग लिमिटेड को कंसल्टेंट नियुक्त किया गया है।

 

इधर, कमलनाथ बोले- सिर्फ चुनावी जुमला है मेट्रो रेल प्रोजेक्ट : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने भोपाल-इंदौर में मेट्रो को सिर्फ चुनावी जुमला बताया है। नाथ ने ट्वीट कर कहा है कि हर चुनाव के पहले शिवराज इस तरह के सपने दिखाते आए हैं, जिस सरकार के जाने का समय नजदीक है। खजाना खाली है, वो किस मुंह से मेट्रो के सपने दिखा रही है। हर बार की तरह यह घोषणा भी कागजी ही है। इधर, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री माया सिंह ने कहा कि मेट्रो के संचालन से इन शहरों में शहरी ट्रैफिक में नया आयाम जुड़ने के साथ विकास का नया रास्ता खुलेगा। 

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