भोपाल / पत्नी को पैरालिसिस हुआ तो पति ने लगा दी तलाक की अर्जी, फैमिली कोर्ट ने खारिज की



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  • जज ने कहा- पत्नी सिर्फ सेवा करने के लिए नहीं है, वह भी बीमार पड़ सकती है

Dainik Bhaskar

Oct 11, 2019, 10:55 AM IST

भोपाल। पारिवारिक कलह... मारपीट...अफेयर... संपत्ति विवाद... अभी तक तलाक लेने की ये ही प्रमुख वजह सामने जाती थी। लेकिन फैमिली कोर्ट में आए एक मामले में पति ने आवेदन दिया कि उसकी पत्नी बीमार रहती है, इसलिए वह उसे दाम्पत्य सुख नहीं दे पा रही है। यह क्रूरता है, इसलिए उसे तलाक दिया जाए। हालांकि फैमिली कोर्ट ने आवेदक के इस तर्क को नकारते हुए तलाक की अर्जी खारिज कर दी।

 

जहांगीराबाद निवासी 35 वर्षीय एक युवक ने 2018 में फैमिली कोर्ट में आवेदन दिया कि उसकी शादी फरवरी 2012 में हुई थी। शादी के दाे साल बाद 2014 में पत्नी ने एक बेटी को जन्म दिया। इसके बाद पत्नी को पैरालिसिस हो गया। अब तक उसका इलाज करवा रहा हूं। उसने बताया कि पत्नी की बीमारी के चलते वह कई सालों से दाम्पत्य सुख से वंचित है। इसलिए उसे तलाक चाहिए।


पत्नी का आरोप-किसी और से अफेयर है

पति का अाॅफिस में काम करने वाली एक लड़की से अफेयर है। इसलिए पति अब उसकी पुरानी बीमारी काे बहाना बनाकर तलाक लेना चाहता है। पत्नी का कहना है कि वह फिट है।

 

मेडिकल जांच में पता चला-अब महिला फिट
जब पति ने शिकायत की तो जज आरएन चंद ने फैमिली काेर्ट की काउंसलर शैल अवस्थी को दोनों की काउंसलिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी आदेश दिया कि महिला को किस प्रकार की बीमारी है और अभी उसकी हालत कैसी है यह भी देखें। अवस्थी ने दोनों की काउंसलिंग की तो यह पाया कि महिला स्वस्थ है। डॉक्टर की जांच रिपाेर्ट में भी वह पूरी तरह फिट पाई गई है।


जज का आदेश... पत्नी की बीमारी क्रूरता नहीं
जज आरएन चंद ने तलाक की अर्जी खारिज कर दी। साथ ही यह भी कहा कि बीमार पत्नी काे सहानुभूति और सहयोग चाहिए। पत्नी केवल सेवा करने के लिए नहीं हाेती है वह भी इंसान है बीमार पड़ सकती है। पत्नी की बीमारी क्रूरता नहीं है, इसके अाधार पर तलाक नहीं दिया जा सकता।

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