ममता के आगे सारे नियम शिथिल... बीमार बच्चे को 72 की जगह 20 घंटे में मिली ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ विमान से ले जाने की अनुमति, फ्लाइट से ले जाने के लिए 72 घंटे पहले करना पड़ता है आवेदन / ममता के आगे सारे नियम शिथिल... बीमार बच्चे को 72 की जगह 20 घंटे में मिली ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ विमान से ले जाने की अनुमति, फ्लाइट से ले जाने के लिए 72 घंटे पहले करना पड़ता है आवेदन

Bhaskar News

Jan 14, 2019, 05:09 PM IST

मां ने मिनिस्टर सुरेश प्रभु, PMO और एअर इंडिया को अपनी तकलीफ ट्वीट कर लगाई थी गुहार

Bhopal News emotional story of mother for 6 year old  daughter

भोपाल ये तस्वीर है 6 साल के अक्षर आहूजा की। दरअसल, अक्षर को निमोनिया हुआ, हफ्तेभर तक तेज बुखार में तपते रहे अक्षर को डॉक्टरों ने दिल्ली या मुंबई ले जाने की सलाह दी। मां विधा आहूजा ने बताया- अक्षर के दाहिने फेफड़े जकड़ चुके थे, इसलिए उसे ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ ही किसी दूसरे अस्पताल ले जाया जा सकता है।

एअर इंडिया ने नियमों का हवाला देते हुए महिला की दरख्वास्त को नामंजूर कर दिया

मां विधा ने बताया- हमने शनिवार दोपहर तीन बजे एअर इंडिया की फ्लाइट से जाने का फैसला किया। राजाभोज एयरपोर्ट पहुंचे तो पता चला कि ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ मरीज को रेगुलर फ्लाइट से ले जाने के लिए 72 घंटे पहले अप्लाई करना पड़ता है। बच्चे की तकलीफ बढ़ती जा रही थी, लेकिन एअर इंडिया ने नियमों का हवाला देते हुए मेरी दरख्वास्त को नामंजूर कर दिया। शनिवार शाम को मैंने सिविल एविएशन मिनिस्टर सुरेश प्रभु, पीएमओ और एअर इंडिया को अपनी तकलीफ ट्वीट कर दी। नतीजा ये रहा कि 20 घंटे के भीतर ही बच्चे को ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ इलाज के लिए रेगुलर फ्लाइट से मुंबई ले जाने की मंजूरी दे दी गई।

बेस स्टेशन से ही मिलती है मंजूरी


एअर इंडिया के भोपाल स्टेशन मैनेजर प्रफुल्ल फाल्गुने ने बताया कि भोपाल-इंदौर आउट स्टेशन हैं। दिल्ली-मुंबई जैसे स्टेशन बेस स्टेशन की श्रेणी में आते हैं। किसी मरीज को स्ट्रेचर या ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ ले जाने के लिए हमें मेडिकल बोर्ड से अनुमति लेनी जरूरी होती है। ये अप्रूवल बेस स्टेशन से ही आता है। इसके लिए तीन वर्किंग डेज लगते ही हैं। ये मामला 6 साल के बच्चे का था। बेस स्टेशन में फाइव डे वर्किंग होती है। ईमेल प्रक्रिया करने के बाद भी हमने मुंबई की इंजीनियरिंग विंग से बात की। उधर से भी अच्छा रिस्पांस मिला और बच्चे के लिए मंजूरी मिल गई। ऐसा शायद पहली बार हुआ है। रविवार सुबह मुंबई से ऑक्सीजन सिलेंडर यहां भेज दिया गया। इसके साथ रात 10 बजे की फ्लाइट से अक्षर को मुंबई रवाना कर दिया गया है। अक्षर के पिता आकाश आहूजा सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।

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