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एनएचएम का हेल्थ बुलेटिन / भोपाल में कम हो रहा बेटियों का जन्म 2016 में एक हजार बच्चों में 923 बेटियां थीं, अब रह गईं सिर्फ 880



Birth of daughters in Bhopal decreased
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Birth of daughters in Bhopal decreased

  • प्रति हजार लड़कों पर 120 बेटियां कम
  • अबाॅर्शन के मामले में  पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2018, 05:26 AM IST

स्नेहा खरे, भोपाल . भोपाल जिले में बेटियों का जन्म लगातर कम हो रहा है। 2016 में जन्म लेने वाले एक हजार बच्चों में जहां 923 बेटियां होती थीं, वहीं अब यह संख्या सिमटकर 880 रह गई है। यानी लड़कों की तुलना में यहां प्रति हजार 120 बेटियां कम जन्म ले रही हैं।

 

यह खुलासा है कि नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के हेल्थ बुलेटिन का। एनएचएम के आंकड़े बताते हैं कि अप्रैल से सितंबर 2018 के बीच भोपाल में कुल 23,398 बच्चों ने जन्म लिया। जन्म लेने वाले बच्चों में 12,446 लड़के एवं 10,952 बेटियां हैं। इस दौरान लड़कों की तुलना में 1 हजार 494 बेटियां कम जन्मीं।

 

यानी प्रति हजार लड़कों पर 120 बेटियां कम हैं। वहीं दूसरी तरफ छह माह में मध्यप्रदेश में 6,59,186 बच्चों का जन्म हुआ। इनमें 3,41,724 लड़के और 3,17,462 बेटियां हैं। इस हिसाब से प्रदेश का चाइल्ड सेक्स रेशियो 929 है।

 

फैक्ट... अबॉशर्न में भोपाल अव्वल : जन्म के समय चाइल्ड सेक्स रेशियो के मामले में जहां भोपाल 49वें स्थान पर है, वहीं अबाॅर्शन के मामले में यह पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर है। यहां अप्रैल से सितंबर के बीच कुल 34,913 महिलाओं ने एंटी नेटल चैकअप (एएनसी) रजिस्ट्रेशन करवाएं। इनमें से 4,458 महिलाओं के अबॉशर्न हुए जो कुल प्रेगनेंसी का 12.8% है। दूसरी तरफ मप्र में प्रेगनेंसी लॉस का प्रतिशत केवल 3.8 है। यानी भोपाल में मप्र की तुलना में 9 प्रतिशत अबॉशन ज्यादा होते हैं।

 

एक्सपर्ट व्यू... आंकड़े चिंताजनक : चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. शीला भंबल का कहना है कि बायलॉजिकल तो लड़के-लड़कियों का जन्म बराबर ही होता है। भोपाल में इस संख्या में इतना अंतर चिंता की बात है। हालांकि प्रेगनेंसी लॉस के बहुत से कारण होते हैं, लेकिन यदि किसी जिले का चाइल्ड सेक्स रेशियो लगातार घट रहा है और अबॉर्शन के मामले बढ़ रहे हैं तो इन दोनों के कनेक्शन से इनकार नहीं किया जा सकता। आंकड़े इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि भोपाल में बच्चियां जन्म के पहले भी मारी जा रही हैं।

 

तीन साल में 43 अंक घट गया सेक्स रेशियो : भोपाल में चाइल्ड सेक्स रेशियो की दर पिछले तीन साल से लगातार घट रही है। 2016-17 में भोपाल का सेक्स रेशियो जहां 923 था वहीं 2018 में यह 880 हो गया है।

 

मध्यप्रदेश की तुलना में भोपाल में हो रहे हैं 9 प्रतिशत ज्यादा अबॉर्शन

 

लगातार घट रहा सेक्स रेशियो       
          
     

वर्ष   लड़के  लड़कियां सेक्स रेशियो
2016-17 25,489  23,537   923
2017-18 26,447  24,133 911
2018-19  12,446   10,952  880

 

 

कम सेक्स रेशियो वाले जिले

 

भोपाल 880

 

होशंगाबाद 876

 

सतना 867

 

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